सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना को बंद करने की तैयारी
नई दिल्ली । केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना को बंद करने का तैयारी कर ली है। यह योजना निवेशकों को सोने की कीमत के बराबर भुगतान और ब्याज हासिल कराती थी, जिससे सरकार का वित्तीय बोझ बढ़ जाता था। सरकार ने अपने कर्ज और सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात में व्यापक कमी करने का निर्णय लिया है और इस कदम के साथ सोने के आयात को भी कम किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि 2026 के बजट में कर्ज घटाने के लिए एक विस्तृत योजना प्रस्तुत की जा सकती है।
सरकार ने अपने कर्ज और सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात में कमी करने का लिया निर्णय
वित्त वर्ष 2025 में ऋण-जीडीपी अनुपात को 56.8 फीसदी रखने की उम्मीद है, जो 2024 में 58.2 फीसदी था। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना की शुरुआत 2015 में हुई थी और इसका उद्देश्य फिजिकल गोल्ड की जगह बॉन्ड में निवेश को बढ़ाना था। वित्त वर्ष 2025 में अब तक कोई नया गोल्ड बॉन्ड जारी नहीं किया गया है, जबकि पिछले वर्ष 18,500 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया था। यह कदम सरकार की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने के लक्ष्य के साथ लिया गया है। यह निर्णय सरकार के वित्तीय बोझ कम करने और स्थिरता बनाए रखने के मार्ग पर एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही इस योजना के बंद होने से सोने के आयात को भी कम किया जा सकेगा।


राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (17 फ़रवरी 2026)
मुख्य सचिव ने मंत्रालय महानदी भवन में नवा अंजोर विजन@ 2047 मॉनिटरिंग पोर्टल की समीक्षा की
आधुनिक कृषि यंत्रों एवं उन्नत तकनीक से छत्तीसगढ़ का किसान बन रहे हैं आत्मनिर्भर
चिकित्सकों की सतर्कता से बची प्रसूता की जान,पेरिपार्टम कार्डियक अरेस्ट के बाद सफल इलाज
सायबर पंजीयन कार्यालय से पेपरलेस और कैशलेस प्रक्रिया को मिलेगा प्रोत्साहन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
पूरक पोषण आहार यूनिट का शुभारंभ
जनजातीय बहुल क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति की ओर सरकार की उल्लेखनीय पहल
कटघोरा वनमंडल की सतर्कता से तेंदुए का सफल रेस्क्यू और शिकारी गिरफ्तार