सिम्स में ऑनलाइन मरीज ओपीडी पंजीयन की शुरुआत
बिलासपुर । सिम्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में अब मरीजों को ओपीडी पंजीयन के लिए लंबी कतार में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। प्रबंधन ने ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा शुरू कर दी है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ लखन सिंह ने बताया कि चिकित्सालय में वर्तमान में लगातार मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। बिलासपुर ही नहीं आसपास के जिला एवं राज्यों के मरीज भी सिम्स में अपना विश्वास जाता कर इलाज के लिए पहुंचते है। सामान्य प्रकरण में चिकित्सकों से मिलने के पूर्व मरीजों को शश्चस्र पंजीयन करवाना अनिवार्य होता है। मरीजों का पंजीयन आसानी से हो सके इसके लिए प्रबंधन ने 11 काउंटरों की व्यवस्था की है। भीड़ बढऩे पर 02 अतिरिक्त काउंटर और लगाए जाते है। अधीक्षक ने बताया कि मरीज चिकित्सालय आने के पूर्व ही, घर से अपना पंजीयन सिम्स चिकित्सालय में कर सकते है। प्ले स्टोर से आभा ऐप डाउनलोड कर, मरीज की सारी जानकारी भर के, अपना टोकन नंबर जनरेट कर सकते है। चिकित्सालय के काउंटर पर अपना टोकन नंबर बता के, निर्धारित शुल्क भुक्तान कर अपनी ओपीडी स्लिप प्राप्त कर सकते है। अधिष्ठाता डॉ रमनेश मूर्ति के निर्देश पर अधीक्षक ने कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति इस कार्य के लिए की है ताकि जो लोग ऑनलाइन पंजीयन करने में सक्षम नहीं हैं वे उनकी मदद कर सके। अधीक्षक डॉ लखन सिंग ने ये भी बताया कि गरीब तपके का वर्ग भी चिकित्सालय में इलाज के लिए आता है जो मोबाइल नहीं रखते। ऐसे लोगों के लिए चिकित्सालय में अलग से पंजीयन काउंटर की व्यवस्था की गई है, जिन्हें मैन्युअल टोकन के माध्यम से सुविधा दी जा रही है।


राहुल गांधी की 6 गारंटियां: तमिलनाडु की महिलाओं और छात्रों को हर महीने मिलेंगे 2000 रुपये।
प्रशासन का सख्त एक्शन: बिना लाइसेंस चल रही चांदी रिफाइनरी सील, मौके से आधुनिक मशीनें बरामद।
ईरान की सख्ती: अब जहाजों को लेनी होगी IRGC की इजाजत
साहब की बहाली के लिए बाबू ने मांगी घूस: 40 हजार रुपये के साथ पकड़े गए स्थापना शाखा प्रभारी।
अनुभव का सम्मान या परीक्षा का दबाव? पात्रता परीक्षा पर मप्र के शिक्षकों ने खोला मोर्चा
ग्रामीणों की बहादुरी से बची दो जानें, लेकिन अंचल और पूनम को नहीं बचा सका कोई
"सस्पेंड करो या कोर्ट झेलने को तैयार रहो" - भाजपा नेता संतोष परवाल की तीखी चेतावनी
Health Tips: पाचन तंत्र को लोहे जैसा मजबूत बना देगा 30/30/3 नियम, आज ही करें ट्राई।