दक्षिण अफ्रीका के चुनाव में किसी दल को नहीं मिला बहुमत
दक्षिण अफ्रीका की अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस (एएनसी) पार्टी ने कहा है कि वह गठबंधन के लिए किसी भी ऐसी मांग पर विचार नहीं करेगी, जो राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के पद छोड़ने से जुड़ी हो। दरअसल, दक्षिण अफ्रीका में बुधवार को हुए मतदान के आए परिणाम में एएनसी को पहली बार बहुमत नहीं मिला है। उसे 40 प्रतिशत मत मिले हैं।राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के नेतृत्व वाली एएनसी ने 1994 में नेल्सन मंडेला के निर्वाचित होने के बाद पहली बार अपना बहुमत खोया है। एएनसी को अब सत्ता बनाए रखने के लिए प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के साथ गठबंधन करना होगा। इसके लिए प्रयास शुरू हो गए हैं।
चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा के बाद राजनीतिक दलों के पास राष्ट्रपति चुनने के लिए नई संसद बैठने से पहले एक समझौते पर काम करने के लिए दो सप्ताह का समय होगा। हालांकि, कुछ पार्टियां एएनसी के साथ किसी भी गठबंधन वार्ता में शामिल होने के लिए रामफोसा को पद से हटाने की बात कह रहे हैं। इनमें पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा की नई एमके पार्टी भी शामिल है, जो चुनाव में 14 प्रतिशत मत हासिल कर तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।एएनसी के महासचिव फिकिले मबालुला ने कहा राष्ट्रपति रामफोसा एएनसी के अध्यक्ष हैं। अफ्रीकन नेशनल कांग्रेस पार्टी सरकार बनाने के प्रयास में हर दल से बातचीत को तैयार है, लेकिन कोई भी राजनीतिक दल हमारे लिए शर्तें तय नहीं करेगा। अगर आप हमारे पास यह मांग लेकर आते हैं कि रामफोसा राष्ट्रपति पद से हट जाएंगे, तो ऐसा नहीं होने वाला है।


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