न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने इस्तीफा देने का एलान कर चौंका दिया। गुरुवार को पार्टी की वार्षिक कॉकस बैठक में जेसिंडा ने कहा कि काम करने के लिए अब ऊर्जा नहीं बची है। अब इस्तीफा देने का समय है। मैं जा रही हूं, क्योंकि इस तरह की खास भूमिका के साथ जिम्मेदारी जुड़ी होती है। यह जानने की जिम्मेदारी कि आप नेतृत्व करने के लिए कब सही व्यक्ति हैं और कब नहीं। मुझे पता है कि इस काम के लिए कितनी मेहनत लगती है।

मुझे पता है कि मेरे पास इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए अब पर्याप्त शक्ति नहीं बची है।प्रधानमंत्री के रूप में जेसिंडा का कार्यकाल 7 फरवरी को समाप्त होगा। उन्होंने कहा, मैं इंसान हूं, राजनेता भी इंसान होते हैं। जब तक हम कर सकते हैं, हम वह सब करते हैं जो हम कर सकते हैं। जेसिंडा ने कहा कि मैंने गर्मियों की छुट्टी के दौरान विचार किया था कि क्या मेरे पास भूमिका में बने रहने की ऊर्जा है या नहीं और निष्कर्ष निकला कि ऊर्जा नहीं थी।

जेसिंडा ने कहा, ये मेरे जीवन के सबसे संतोषजनक साढ़े पांच साल रहे हैं। लेकिन इसकी अपनी चुनौतियां भी हैं- आवास, बाल गरीबी और जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित एजेंडा के बीच हमने एक घरेलू आतंकी घटना, एक बड़ी प्राकृतिक आपदा, एक वैश्विक महामारी और एक आर्थिक संकट का सामना किया है। अर्डर्न ने कहा कि उनके पास अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताने के अलावा भविष्य की कोई योजना नहीं है।

यह पूछे जाने पर कि न्यूजीलैंड के लोग उनके नेतृत्व को कैसे याद रखेंगे, अर्डर्न ने कहा कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो हमेशा दयालु बनने की कोशिश करता है।उन्होंने कहा, मैं इसलिए नहीं जा रही हूं क्योंकि मेरा मानना है कि हम चुनाव नहीं जीत सकते, बल्कि इसलिए कि मुझे विश्वास है कि हम जीत सकते हैं और जीतेंगे और हमें उस चुनौती के लिए नए नेतृत्व की जरूरत है।

2017 में जेसिंडा दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला प्रधानमंत्री बनी थीं। उन्होंने कोविड-19 महामारी और क्राइस्टचर्च में दो मस्जिदों पर आतंकी हमले सहित प्रमुख आपदाओं और व्हाइट आइलैंड ज्वालामुखी विस्फोट जैसी घटनाओं के बीच न्यूजीलैंड का नेतृत्व किया।