चमत्कार : क्रिकेट खिलाड़ी की डेढ़ घंटे में 40 बार थमी सांसें हर बार लौटी

डेढ़ घंटे के अथक प्रयास से डॉ श्याम सोनी ने बचाई युवक की जिदंगी

बढ़ता स्ट्रेस और अव्यवस्थित खानपान बन रहा युवाओं में अटैक की वजह 

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बैतूल। 25 वर्ष का युवा क्रिकेटर...शाम चार बजे से सीने में दर्द को नजरअंदाज करता रहा...रात 11 बजे जब असहनीय दर्द होने लगा तो परिजनों के साथ जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल पहुंचे। युवक रिसेप्शन पर अपनी एंट्री करा रहा था और डॉक्टर भी रिसेप्शन के पास ही खड़े होकर मोबाईल चेक कर रहे थे। अचानक रिसेप्शन पर स्टूल पर बैठा क्रिकेट खिलाड़ी जमीन पर गिर गया...सांसे थम चुकी थी..तत्काल डॉक्टर ने युवा क्रिकेटर का उपचार करना शुरु कर दिया। 15-20 मिनट तक लगातार उसी स्थान पर कार्डियक मसाज दी, एक इंजेक्शन और फिर इलेक्ट्रिक शॉक दिया..आखिर जिंदगी और मौत के बीच हो रही जंग में सांसों की जीत हुई और जिदंगी लौट गई। यह पूरा घटनाक्रम अस्तपाल के सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हो चुका था। युवक की चेतना वापस आने पर उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया। युवक के रिसेप्शन से आईसीयू तक पहुंचने की स्थिति के करीब डेढ़ घंटे में 40 बार उसकी सांसे रुकी और हर बार उसकी सांसे लौटाई डॉ श्याम सोनी ने। यहां यह कहना भी लाजमी है कि युवक की किस्मत और डॉ श्याम सोनी का अथक प्रयास दोनों ही जिदंगी बचाने के का जरिया बन गए। जिस वक्त युवक को अटैक आया यदि डॉक्टर मौके पर नहीं होते तो देर हो सकती थी। 

रिसेप्शन पर धड़ाम से गिरा युवक, तो मचा हड़कम्प

21 फरवरी को करीब 11.15 बजे युवक जब अपनी डिटेल रिसेप्शन पर दर्ज करवाने के दौरान धड़ाम से जमीन पर गिर गया तो वहां मौजूद स्टाफ में भी हड़कम्प मच गया। डॉ श्याम सोनी ने तत्काल स्थिति को भांपते हुए, बिना देरी किए मौके पर ही उपचार देना शुरु कर दिया। डॉ सोनी ने बताया कि यदि यह स्थिति आमला से बैतूल के बीच रास्ते में हुई होती तो शायद वह युवा खिलाड़ी की जिदंगी नहीं बचा पाते। उन्होनें बताया कि करीब आधा घंटे तक रिसेप्शन पर ही युवक का उपचार किया गया। युवक की कार्डियक मसाज करते-करते स्वयं डॉ सोनी भी पसीने से तर हो गए थे। आखिर आधे घंटे की अथक मेहनत के बाद जब उस युवक के शरीर में हलचल होने लगी तो उसे आईसीयू में शिफ्ट किया। यहां भी बार-बार उसकी सांसे रुक रही थी। डेढ़ घंटे तक डॉ सोनी ने युवक का उपचार किया। जब स्थिति सामान्य हुई तो डॉ सहित युवक के परिजनों ने भी राहत की सांस ली। डॉ सोनी ने बताया कि युवक न तो किसी तरह का नशा करता है, पानी, सिगरेट, गुटखा आदि का शौकीन भी नहीं है और न ही उसे बीपी या शुगर का मरीज है। डॉ सोनी ने कार्डियक अटैक एवं अन्य बीमारियों से सुरक्षित रहने के लिए स्ट्रेस से बचने, नियमित दिनचर्या और संतुलित खानपान की सलाह दी है। 

राज्य स्तर का खिलाड़ी है युवक

डॉ श्याम सोनी ने बताया कि आमला निवासी युवक 21 फरवरी की रात करीब 11 बजे अस्पताल पहुंचा था। वह राज्य स्तर का क्रिकेट प्लेयर भी है। आम तौर पर युवाओं में हार्ट अटैक जैसी समस्या नहीं होनी चाहिए। उस पर खिलाड़ी जो कि पसीना बहाते है और मेहनत करते है, उनके साथ तो यह समस्या आनी ही नहीं चाहिए, लेकिन अब युवाओं में भी कार्डियक अटैक की समस्या देखने मिल रही है। इसका मुख्य कारण अत्यधिक स्ट्रेस और अव्यवस्थित खानपान हो सकता है। डॉ श्याम सोनी ने बताया कि 21 फरवरी को उपचार के बाद युवक घर तो लौट गया। अगले दिन उसकी एंजियोग्राफी कराने की जानकारी जब डॉ सोनी को मिली तो इस बात का खुलासा हुआ कि युवक के हार्ट में 80 प्रतिशत ब्लॉकेज है। यह ब्लॉकेज ही कार्डियक अटैक का कारण बन गए।