बुमराह को बनाये कप्तान : मांजरेकर
पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने कहा है कि वह अनुभवी तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को ही कप्तान बनाने के पक्ष में हैं। मांजरेकर के अनुसार बुमराह जैसे कुशल कप्तान के होते हुए किसी और को कैसे ये जिम्मेदारी दी जा सकती है। साथ ही कहा कि बुमराह की फिटनेस को लेकर अगर कोई परेशानी है तो उपकप्तान बेहतर बनायें। मांजरेकर इससे हैरान हैं कि शुभमन गिल को टीम की कप्तानी सोंपने की बातें चल रही हैं। उनकी नजर में जसप्रीत बुमराह को ही टेस्ट का अगला कप्तान होना चाहिए। बुमराह पिछली बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में टीम इंडिया के उप-कप्तान थे, रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में उन्होंने कप्तानी संभाली थी, मगर अधिक काम के बोझ के कारण वह अंतिम मैच में चोटिल हो गए थे। बुमराह की चोट को देखते हुए ह चयनकर्ता उन्हें कप्तान के लिए प्रबल दावेदार नहीं मान रहे हैं।
मांजरेकर ने कहा, मैं हैरान हूं कि हम टेस्ट कप्तान के तौर पर बुमराह के अलावा किसी और विकल्प पर विचार कर रहे हैं। उनकी चोटों को लेकर चिंतित हैं? तो अपने उप-कप्तान को सावधानी से चुनें। बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के पहले और पांचवें मैच में टीम की कप्तानी की थी। अंतिम टेस्ट के दौरान वह चोटिल हो गए थे, इस चोट की वजह से उन्हें तीन महीने क्रिकेट से दूर रहना पड़ा था और वह चैंपियंस ट्रॉफी में भी नहीं खेल पाये थे।
ऐसे में चयनकर्ता ऐसे नाम पर विचार कर रहे हैं जो सभी मैच के लिए उपलब्ध हो और जिसपर चोट का कम से कम प्रभाव हो, ऐसे में बुमराह कप्तानी की सूची से बाहर हो गये हैं। इन चिंताओं के बावजूद, मांजरेकर का मानना है कि बुमराह कप्तानी के सबसे बड़े उम्मीदवार हैं। इससे पहले पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भी बुमराह का समर्थन करते हुए कहा था कि अतिरिक्त जिम्मेदारी से इस तेज गेंदबाज को अपने कार्यभार को अधिक प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में मदद मिल सकती है।


कलयुगी बेटे का कहर, पिता को पीटकर मार डाला
Lenskart पॉलिसी विवाद गरमाया, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी से बढ़ी बहिष्कार की मांग
स्पष्टीकरण न देने वालों पर गिरेगी गाज, संगठन में मचा हड़कंप
अमित शाह का तीखा हमला, बोले—राहुल की पार्टी बंगाल में शून्य पर सिमटेगी
हवाई यात्रियों के लिए गुड न्यूज: बिलासपुर से देश की राजधानी के लिए हवाई मार्ग से जुड़ाव शुरू
शांति वार्ता पर संकट, होर्मुज में फिर भड़का सैन्य तनाव
बैतूल कलेक्टर ने स्कूल और आँगनवाड़ी का किया निरीक्षण और आंगनवाड़ी मे भोजन चखकर देखा