गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक होने पर कार्रवाई, कन्नूर में सूचना अधिकारी पर गिरी गाज
कन्नूर । केरल के कन्नूर जिले में शनिवार को एक सूचना अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई आचार संहिता लागू होने के दौरान लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) की एक शिकायत से जुड़ी विवादास्पद प्रेस विज्ञप्ति जारी करने के मामले में हुई है। जिला सूचना कार्यालय के एक अधिकारी ने इसे जारी किया था। आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर इस मामले ने केरल में सियासी सरगर्मी को और बढ़ा दिया है। मामले की जड़ें उस शिकायत से जुड़ी हैं, जिसमें एलडीएफ ने आरोप लगाया था कि उनके उम्मीदवार केवी सुवेश को यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) द्वारा चरित्र हनन का शिकार बनाया जा रहा है।
कांग्रेस ने साधा निशाना
एलडीएफ के निर्वाचन क्षेत्र सचिव एम. प्रकाशक ने यूडीएफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इस शिकायत से जुड़ी जानकारी के लीक होने के बाद यह विवाद उत्पन्न हुआ। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मार्टिन जॉर्ज ने जनसंपर्क विभाग पर राजनीतिक प्रचार में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विभाग ने सियासी रूप से पक्षपाती संचार जारी कर नियमों का उल्लंघन किया है और पार्टी इस मामले को चुनाव आयोग के समक्ष उठाएगी।
जिलाधिकारी की कार्रवाई
इस विवाद के बाद कन्नूर के जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी अरुण के. विजयन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करने के लिए जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। एक आधिकारिक बयान में संबंधित अधिकारी ने स्वीकार किया कि केरल विधानसभा चुनाव 2026 से संबंधित एक शिकायत, जिसकी जांच के लिए अग्रेषित किया गया था, उसे बिना प्राधिकार के और जांच प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही कन्नूर के जिला सूचना कार्यालय के माध्यम से समय से पहले मीडिया को जारी कर दिया गया था।
निर्वाचन नियमों का उल्लंघन
इस बयान में यह भी कहा गया कि अधिकारी की कार्रवाई लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 134 के तहत कर्तव्य का उल्लंघन है। इसने आधिकारिक मशीनरी की तटस्थता बनाए रखने के संबंध में चुनाव आयोग के निर्देशों का भी उल्लंघन किया है।
केरल विधानसभा चुनाव 2026 कब हैं?
केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान 9 अप्रैल को एक ही चरण में होगा, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को निर्धारित है। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त हो रहा है। 2021 के विधानसभा चुनावों में, LDF ने 99 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी थी, जो एक ऐतिहासिक लगातार जीत थी। UDF ने 41 सीटें जीती थीं, जबकि NDA एक भी सीट जीतने में विफल रहा।


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