समुद्र में बढ़ती सख्ती: US Navy की इंटरसेप्शन कार्रवाई से तनाव
समुद्र में बढ़ा तनाव: अमेरिकी नौसेना ने ईरानी जहाज को रोका, नाकाबंदी की रणनीति हुई तेज
फ्लोरिडा (अमेरिका)| अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि अमेरिकी नौसेना के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS राफेल पेराल्टा (DDG 115) ने समुद्र में एक ईरानी ध्वज वाले जहाज को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है। यह कार्रवाई अमेरिका के एक विशेष समुद्री मिशन का हिस्सा है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में भू-राजनीतिक गरमाहट एक बार फिर बढ़ गई है।
24 अप्रैल की कार्रवाई का विवरण
नौसेना के सूत्रों के अनुसार, 24 अप्रैल को इस जहाज की संदिग्ध गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही थी। जब यह स्पष्ट हुआ कि जहाज ईरान के बंदरगाह की ओर अग्रसर है, तब अमेरिकी युद्धपोत ने त्वरित कदम उठाते हुए उसे रोका। इसके बाद अमेरिकी मरीन ने जहाज पर चढ़कर (Boarding) गहन तलाशी अभियान शुरू किया।
अमेरिका की सख्त समुद्री नीति और 'डार्क फ्लीट' पर प्रहार
पेंटागन में आयोजित ब्रीफिंग के दौरान जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने अमेरिका के कड़े रुख को स्पष्ट किया:
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समुद्री नाकाबंदी: अमेरिका अब ईरान के खिलाफ और अधिक आक्रामक नाकाबंदी नीति अपना रहा है।
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डार्क फ्लीट पर शिकंजा: 8 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 34 जहाजों को रोका जा चुका है। इनमें से कई 'डार्क फ्लीट' (प्रतिबंधित गतिविधियों में शामिल जहाज) श्रेणी के थे।
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चेतावनी: अमेरिकी सेना ने साफ कर दिया है कि ईरान के बंदरगाहों की ओर जाने वाले या वहां से निकलने वाले किसी भी संदिग्ध जहाज को जांच का सामना करना होगा।
हालिया सैन्य ऑपरेशंस की श्रृंखला
पिछले कुछ दिनों में अमेरिकी सेना ने कई महत्वपूर्ण जहाजों पर नियंत्रण हासिल किया है:
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मोटर वेसल तोस्का: चेतावनी की अनदेखी करने पर अमेरिकी मरीन ने हेलीकॉप्टर के जरिए इस जहाज को जब्त किया।
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टैंकर टिफ़नी (20 अप्रैल): इसमें कथित तौर पर प्रतिबंधित ईरानी कच्चा तेल ले जाया जा रहा था, जिसे रोक दिया गया।
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मैजेस्टिक एक्स (22 अप्रैल): हिंद महासागर में इस जहाज को अमेरिकी सेना ने अपने कब्जे में लिया।
ऐतिहासिक संदर्भ और सैनिकों का सम्मान
ब्रीफिंग के दौरान जनरल केन ने 1983 के बेरूत हमले को याद करते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वर्तमान मिशनों में तैनात सैनिकों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना राष्ट्रपति के आदेश पर किसी भी बड़े सैन्य अभियान को फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह सुसज्जित और तैयार है।


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