बालाजीपुरम के गेट पर गुंडागर्दी, विरोध में मंदिर अनिश्चितकालीन के लिए बंद
बालाजीपुरम के गेट पर गुंडागर्दी, विरोध में मंदिर अनिश्चितकालीन के लिए बंद
पुलिस प्रशासन से आरोपियों की गिरफ्तारी और स्थायी सुरक्षा की मांग
बैतूल। बालाजीपुरम मंदिर परिसर में आज गुरूवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जूता स्टैंड पर तैनात कर्मचारियों और श्रध्दालुओं के साथ कुछ लोगों ने विवाद के बाद जानलेवा हमला कर दिया। इस घटना के विरोध में बालाजीपुरम मंदिर प्रबंधन ने मंदिर अनिश्चितकालीन के लिए बंद करने की घोषणा की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरियादी सुनील जागड़े (उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम बयावाड़ी), जो बालाजीपुरम मंदिर में जूता स्टैंड पर काम करता है, ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
घटना आज दोपहर करीब 12 बजे की है। कुछ दर्शनार्थी मंदिर में दर्शन करने के बाद वापस लौटे और अपने जूते-चप्पल मांगने लगे। जब सुनील जागड़े ने नियमानुसार तय सुरक्षा शुल्क की मांग की, तो वे लोग अचानक उग्र हो गए और गंदी-गंदी गालियां देने लगे। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने सुनील के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों में से एक ने आवाज लगाई—"निहाल मार इसको...", जिसके बाद सुनील की दाहिनी आंख के पास, दाहिने हाथ और पैर पर गंभीर चोटें आईं।
चाकू और डंडे से जानलेवा हमला:
चीख-पुकार सुनकर जब सुनील का साथी मुकेश भारद्वाज बीच-बचाव करने के लिए आगे आया, तो हमलावरों ने उस पर भी लाठी-डंडों और हाथ में ली हुई धारदार कटार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में मुकेश के सिर पर गहरा घाव हो गया और खून बहने लगा। इसके अलावा मुकेश के दाहिने कंधे और बाएं गाल पर भी गंभीर चोटें आई हैं।
मंदिर परिसर में मौजूद अन्य सहयोगियों—भूपेन्द्र सिंह, नरेन्द्र सिंह, गोलू यादव और शुभम गोपते ने जब बीच-बचाव का प्रयास किया, तो हमलावर वहां से भाग खड़े हुए। हालांकि, कुछ ही देर बाद आरोपी अपने साथ अन्य लोगों की भारी भीड़ लेकर वापस लौटे और मंदिर परिसर में दोबारा गाली-गलौज कर उत्पाद मचाया।
जान से मारने की धमकी, पुलिस जांच में जुटी:
जाते-जाते हमलावरों ने सरेआम पीड़ितों को धमकी देते हुए कहा कि "आज तो छोड़ दिया है, दोबारा मिले तो जान से मार देंगे।" इस पूरी हिंसक घटना को आसपास के स्थानीय दुकानदारों और चश्मदीदों ने भी देखा है। फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश और वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
विरोध में मंदिर बंद :
गुंडागर्दी के विरोध में बालाजीपुरम मंदिर प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से मंदिर अनिश्चितकालीन के बंद करने की घोषणा की। बालाजीपुरम संस्थापक सेम वर्मा ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी और दुख जताते हुए कहा कि श्रध्दालुओं और मंदिर सेवक से नृशंस जानलेवा मारपीट गलत है। उन्होंने पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यहां बार बार निवेदन के बाद भी पुलिस प्रशासन के व्दारा सुरक्षा की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई। मंदिर से जुड़े सभी श्रध्दालुओं ने पुलिस प्रशासन से तुरंत आरोपियों को गिरफ्तार करने, उनके अवैध धंधों को बंद कराने और मंदिर में स्थायी सुरक्षा चौकी बनाने की मांग की है।
इस मामले मे बैतूल एस डी ओपी सुनील लाटा ने बताया की दोपहर 12 बजे के करीब बालाजीपुरम मे निहालसिंग सिकलिकर और सुनील जागड़े के बीच जूता चप्पल रखने के पैसो मांगने की बीच विवाद हुआ था दोनों पक्ष की ऒर से शिकायत दर्ज कराई गई है मामले की जाँच की जा रही है l


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