फैमिली ट्रैजिक: दर्दभरे स्टेटस के बाद पिता ने दो बच्चों संग जीवन समाप्त किया
बालाघाट। जिले के कटंगी थाना अंतर्गत आने वाले लाखीटोला गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता ने अपने ही दो मासूम बच्चों के साथ कुएं में कूदकर जीवन लीला समाप्त कर ली। इस हृदयविदारक वारदात के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है। मृतक श्याम नागेंद्र ने इस आत्मघाती कदम को उठाने से पहले अपने बेटे वंश और बेटी भूरि को रस्सी के सहारे अपने साथ बांधा और फिर गांव के पुराने कुएं में छलांग लगा दी। बुधवार सुबह जब ग्रामीणों ने कुएं में शव तैरते हुए देखे, तब जाकर इस खौफनाक हकीकत का खुलासा हुआ।
हृदयविदारक वारदात और मासूमों की दर्दनाक मौत
लाखीटोला निवासी चालीस वर्षीय श्याम नागेंद्र ने जिस तरह से अपने ही बच्चों के साथ मौत को गले लगाया, उसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। मंगलवार रात तक परिजन और ग्रामीण इसी भ्रम में रहे कि श्याम अपने दोनों बच्चों को लेकर गांव में ही आयोजित किसी विवाह समारोह में शामिल होने गया होगा, लेकिन हकीकत में वह मौत के सफर पर निकल चुका था। बुधवार की सुबह पटबर्रा मैदान के पास स्थित कुएं में तीनों के शव मिलने के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शवों को बाहर निकाला। शुरुआती जांच और साक्ष्यों को देखते हुए पुलिस इसे सामूहिक आत्महत्या का मामला मान रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
व्हाट्सएप स्टेटस और अनहोनी का गहरा अंदेशा
इस दुखद घटना से ठीक पहले श्याम नागेंद्र द्वारा सोशल मीडिया पर लगाए गए एक स्टेटस ने सभी को सकते में डाल दिया है। उसने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर जीवन के प्रति निराशा व्यक्त करते हुए लिखा था कि उसे अब जिंदा रहने की कोई आरजू नहीं है और न ही वह किसी वादे या रिश्ते को निभाना चाहता है। इस संदेश को पढ़ने के बाद जैसे ही रिश्तेदारों और दोस्तों को किसी अनहोनी का डर सताने लगा, उन्होंने तुरंत उसकी तलाश शुरू कर दी थी। रात भर आसपास के इलाकों और परिचितों के यहां खोजबीन जारी रही, लेकिन अंधेरा होने और कोई सुराग न मिलने के कारण सफलता नहीं मिल सकी और सुबह होते-होते आशंका सच में बदल गई।
आर्थिक और मानसिक तनाव के बीच उलझी जिंदगी
ग्रामीणों के अनुसार श्याम नागेंद्र एक निजी कंपनी में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्य कर चुका था और वर्तमान में एलआईसी एजेंट के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा था। गांव के लोगों का कहना है कि वह व्यवहार में बेहद सरल और मिलनसार व्यक्ति था, लेकिन पिछले कुछ समय से उसके व्यवहार में बदलाव देखा जा रहा था। चर्चा है कि वह किसी प्रकार के आर्थिक संकट या मानसिक तनाव से जूझ रहा था जिसके चलते उसने इतना बड़ा कदम उठाया, हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस फिलहाल मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर एक पिता अपने ही बच्चों की जान लेने पर क्यों मजबूर हो गया।


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