अमरुल्लाह सालेह की चेतावनी: पाकिस्तान के टुकड़े होना हो गया शुरू
काबुल/इस्लामाबाद। अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने पाकिस्तान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा में हालिया बमबारी इस बात की शुरुआत है कि पाकिस्तान अब बिखरने की ओर बढ़ रहा है।
पूर्व उपराष्ट्रपति सालेह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट करते हुए कहा, कि अगर पाकिस्तानी वायुसेना ने पंजाब में 23 नागरिकों को मार डाला होता तो क्या होता? खैबर पख्तूनख्वा के पहाड़ी इलाकों में नागरिकों पर बम गिराए गए, जिनमें 30 लोग मारे गए। यह पाकिस्तान के टूटने की शुरुआत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान का उर्दू और अंग्रेजी मीडिया इस घटना पर चुप है और कबाइली इलाकों की उपेक्षा करता रहा है। सालेह ने टीटीपी और अफगान तालिबान को पाकिस्तान की पैदाइश का जहर बताया। उन्होंने कहा, कि पाकिस्तानी सेना के पास इस जहर की काट है, लेकिन वह एफ-16 विमानों से नागरिकों पर बम गिराना नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री को संबोधित करते हुए लिखा, कि उन्हें अफगान लोगों से 2020 में आतंकवाद की प्रशंसा में दिए गए बयानों के लिए माफी मांगनी चाहिए। सालेह की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान आतंरिक अस्थिरता, आतंकवादी हमलों और आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
खैबर खख्तूनख्वा में बमबारी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार तड़के पाकिस्तानी वायुसेना ने खैबर पख्तूनख्वा की तिराह घाटी में एक गांव पर बमबारी की। इसमें लगभग 30 लोग मारे गए। पाकिस्तान ने दावा किया कि हमला तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के बम बनाने वाले ठिकाने पर किया गया। इसके लिए चीन निर्मित जेएफ-17 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल हुआ। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि निशाना आम नागरिकों के घर बने। पाकिस्तान का कहना है कि टीटीपी उसके सैनिकों और नागरिकों पर लगातार हमले कर रहा है और अफगान तालिबान उसे संरक्षण दे रहा है।


जिंदगी में प्यार की कमी बढ़ा सकती है कैंसर का जोखिम, अध्ययन का खुलासा
40 के बाद महिलाओं की सेहत का कैसे रखें ख्याल
शादी में हर्ष फायरिंग बनी आफत, दूल्हे राजा गिरफ्तार, अवैध हथियार बरामद
बीजेपी का बड़ा ऐलान: 7वें वेतन आयोग लागू करने समेत बंगाल में हर महीने 3 हजार रुपये तक राहत की घोषणा
बुजुर्गों की आड़ में तस्करी, स्टेशन पर पुलिस ने किया पर्दाफाश
सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: अवैध रेत खनन हिंसा पर सुनवाई, फॉरेस्ट गार्ड हत्या केस में अगली तारीख 13
फसल के साथ पशुपालन, बागवानी और मत्स्य पालन पर जोर
जमीन विवाद में चली गोली, 10 बदमाशों ने व्यक्ति को किया गंभीर घायल