भोपाल : ​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने संबंधी निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन में देवास जिला प्रदेशभर में एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। कलेक्टर देवास ऋतुराज सिंह एवं पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोद के नेतृत्व में जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य एवं राजस्व विभाग के संयुक्त प्रयासों से सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त हुई हैं। समन्वित कार्यवाही, वैज्ञानिक विश्लेषण, मानवीय दृष्टिकोण एवं त्वरित राहत व्यवस्था के कारण वर्ष 2026 में देवास जिले में वर्ष 2025 की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में 18 प्रतिशत तथा सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु के मामलों में 25 प्रतिशत की ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है।

देवास जिले में सड़क सुरक्षा को केवल प्रशासनिक कार्यवाही तक सीमित न रखते हुए जनभागीदारी आधारित अभियान का स्वरूप दिया गया। प्रत्येक सड़क दुर्घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एसडीओपी द्वारा मौके पर पहुँचकर दुर्घटना का विस्तृत विश्लेषण किया गया तथा इन रिपोर्टों की प्रति माह आयोजित रोड सेफ्टी समीक्षा बैठकों में गहन समीक्षा की गई। दुर्घटना संभावित स्थलों पर NHAI, PWD एवं MPRDC द्वारा त्वरित इंजीनियरिंग सुधार कराए गए। वहीं ट्रैफिक पुलिस एवं जिला पुलिस द्वारा गाँव-गाँव चौपाल लगाकर हेलमेट एवं सीट बेल्ट के प्रति जागरूकता अभियान चलाया गया तथा हजारों हेलमेट निःशुल्क वितरित किए गए।

राह वीर योजना में भी देवास प्रदेश में प्रथम

सड़क दुर्घटनाओं में “गोल्डन ऑवर” के महत्व को ध्यान में रखते हुए देवास जिले में “राह वीर योजना” का भी प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उनकी जान बचाने वाले नागरिकों को चिन्हित कर शासन को प्रस्ताव भेजे गए। जिले से भेजे गए 14 प्रकरणों में से 4 नागरिकों को मध्यप्रदेश शासन द्वारा “राह वीर” के रूप में सम्मानित करते हुए प्रशंसा पत्र एवं 25 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। राह वीरों को सम्मानित करवाने में भी देवास जिला प्रदेश में प्रथम रहा।

पीएम राहत योजना से 200 से अधिक घायलों को मिला जीवनदान

प्रधानमंत्री राहत योजना अंतर्गत सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को 1 लाख 50 हजार रूपए तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी देवास जिले में प्रभावी रूप से लागू किया गया। मात्र दो माह की अवधि में 200 से अधिक घायलों का निःशुल्क उपचार कराया गया, जिनमें से 150 से अधिक घायल पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने घर लौट चुके हैं।

हिट एंड रन योजना में 68 परिवारों को मिली 61 लाख रुपये की राहत राशि

देवास पुलिस द्वारा “हिट एंड रन योजना” के अंतर्गत भी उल्लेखनीय कार्य किया गया। ऐसे मामलों में, जहाँ दुर्घटना करने वाला वाहन अज्ञात रहता है और पीड़ित परिवारों को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं मिल पाती, शासन द्वारा घायल को 50 हजार रूपए एवं मृतक के परिवार को 2 लाख रूपए तक की राहत राशि प्रदान की जाती है। देवास जिले में वर्ष 2022 से 2026 के मध्य हिट एंड रन के कुल 130 प्रकरणों का प्रभावी निराकरण किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 68 पीड़ित परिवारों को लगभग 61 लाख रूपए की राहत राशि उनके खातों में दिलाई जा चुकी है।

कलेक्टर देवास ऋतुराज सिंह ने बताया कि रोड सेफ्टी बैठकों को औपचारिकता तक सीमित न रखकर परिणाम आधारित एवं विश्लेषणात्मक बनाया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम आज सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हिट एंड रन योजना के शेष प्रकरणों में भी शीघ्र राहत राशि प्रदान करवाई जाएगी तथा राह वीर योजना के लंबित प्रस्तावों को भी प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत कराया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोद ने बताया कि जिले में “360 डिग्री रोड सेफ्टी मॉडल” के तहत कार्य किया जा रहा है, जिसमें दुर्घटनाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण के साथ-साथ शासन की सभी सड़क सुरक्षा योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी केवल आँकड़े नहीं हैं, बल्कि वे अनेक परिवारों की बची हुई खुशियाँ और सुरक्षित जीवन हैं।