साल 2021 भारतीय IPO मार्केट के लिहाज से काफी बेहतर साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में लगभग 70 कंपनियां अपना IPO लॉन्च करने वाली हैं। भारत साल 2021 के पहले नौ महीनों में 9.7 बिलियन अमरीकी डालर की कमाई के साथ दुनिया के टॉप IPO मार्केट में अपनी जगह बना सकता है। हालांकि, यह राशि कुल ग्लोबल IPO फंड का केवल 3 फीसद ही है। अक्सर आपके मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि आखिर यह IPO होता क्या है, और कैसे इसमें निवेश कर लोग लाखों का मुनाफा कैसे कमाते हैं?

IPO में इनवेस्ट करने से पहले इसके बारे में पूरी जानकारी का होना जरूरी है ताकि आप अपने पैसे को सही जगह इनवेस्ट कर सकें। तो आइए जानते हैं IPO से जुड़ी कुछ अहम जानकारियों के बारे में।

क्या होता है IPO

IPO का फुल फॉर्म होता है, Initial Public Offering, जब भी कोई कंपनी पहली बार आम लोगों को कंपनी के शेयर खरीदने का मौका देती है तो इस प्रक्रिया को IPO के माध्यम से ही पूरा किया जाता है। IPO लॉन्चिंग और शेयरों के आवंटन के बाद कंपनी की लिस्टिंग की जाती है।

आम तौर पर शुरुआती समय में किसी भी कंपनी के IPO की कीमत कम होती है। हालांकि, शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद उसके शेयर की कीमतें बाजार के हिसाब से बढ़ती या घटती रहती हैं। कोई भी कंपनी अपने विस्तार के लिए निवेशकों को IPO में इनवेस्ट करने के लिए आमंत्रित करती है।

कैसे कर सकते हैं IPO में निवेश

साल 2021 भारतीय IPO के नजरिए से काफी बेहतर रहा है। इस साल कई सारी कंपनियों के IPO लॉन्च हुए हैं। आने वाले दिनों में लगभग 70 कंपनियां अपना IPO लॉन्च करने वाली हैं। जब भी कोई कंपनी अपना IPO मार्केट में लॉन्च करती है तो वह IPO को निवेशकों के लिए कुछ अवधि ओपन करके रखती है। आम तौर पर यह अवधि 3 से 10 दिनों की होती है।

इसका तात्पर्य यह है कि, किसी भी IPO को खरीदने के लिए निवेशक के पास 3 से 10 दिन की मोहलत होती है। इस दौरान निवेशक कंपनी की वेबसाइट या रजिस्टर्ड ब्रोकरेज के जरिए उस कंपनी के IPO में Invest कर सकता है। ओपनिंग के बंद होने के बाद कंपनी अलॉटमेंट करती है और इसके बाद शेयर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हो जाते हैं।