मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नरवर कस्बे में कृषि उपज मंडी के पास आरबीसी नहर में एक विद्युतकर्मी वीरेंद्र कुशवाह अचानक डूब गया और पानी में बहने लगा। वीरेंद्र के पानी में बहने के नजारे को देखने के लिए तमाशबीनों की भीड़ जुट गई, लेकिन किसी ने वीरेंद्र को बचाने के लिए कोई जुगत नहीं लगाई। इसी दौरान सूचना पाकर मौके पर पहुंचे बीएसएफ 108 बटालियन जैसलमेर में तैनात फौजी बृजेश उर्फ भोला भी वहां पहुंच गए। उन्होंने वीरेंद्र को बहता हुआ देख, तत्काल अपना ट्रैक शूट निकाला और नहर में कूद कर वीरेंद्र को बाहर निकाला और उसकी जान बचाई। वीरेन्द्र को प्राथमिक उपचार के बाद इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया।

'मैंने सिर्फ अपने दायित्व का निर्वहन किया'
अपनी जान की परवाह किए बिना वीरेंद्र की जान बचाने के लिए पानी में कूदने वाले बृजेश का कहना है कि वह सिर्फ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। उन्होंने बताया कि सुबह जब वह थाना परिसर में वालिबॉल खेल रहे थे तभी उन्हें कुछ लोगों से विद्युतकर्मी के डूबने की सूचना मिली। जब वह मौके पर पहुंचे तो एक व्यक्ति बहता दिखाई दिया। उन्होंने यह देख अपना ट्रैक शूट निकाला और उसे बचाने के लिए पानी में कूद गए। बृजेश का कहना है कि वह फौज हैं और इसलिए यह उनका दायित्व था, उन्होंने सर्फ अपना दायित्व निभाया है।घटना को लेकर नरवर थाना प्रभारी मनीष शर्मा का कहना है कि विद्युतकर्मी उस समय कुछ बोलने की स्थिति में नहीं था। शर्मा ने बताया कि वीरेन्द्र को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है, अब वह बेहतर है। उन्होंने बताया कि उससे बात करने के बाद ही पता चल पाएगा कि वह कैसे डूबा।