मुरैना में आज भी किसानों को खाद नहीं मिली। किसान सुबह 4 बजे से ही खाद के लिए खड़े थे। कुछ किसान तो रात में ही आ गए थे। सुबह 9:30 बजे SDM संजीव जैन ने कहा कि जिन किसानों के पास आधार कार्ड के साथ किसान किताब होगी, उन्हीं को खाद मिलेगी। इसके ठीक 15 मिनट बाद उन्होंने घोषणा कर दी कि खाद नहीं है। दशहरा बाद मिलेगी।

यह सुनकर किसान नाराज हो गए और उन्होंने SDM और वहां मौजूद अधिकारियों से नोकझोंक शुरू कर दी। सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। इसके बाद कांग्रेस विधायक राकेश मावई सहित कांग्रेसी भी वहां पहुंच गए। उन्होंने धरना दिया। धरना स्थल पर ADM नरोत्तम भार्गव पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाया तब कहीं जाकर किसान शांत हुए।

सबसे अधिक आक्रोशित महिला किसान थीं। यह महिलाएं सुबह से लाइन में लगी थीं, लेकिन उनको खाद नहीं मिली। कई महिलाएं तो अपनी बहुओं तथा बेटियों के साथ खाद लेने आई थीं। सुबह से लाइन में लगी रहीं। जब उन्हें पता लगा कि खाद नहीं मिलेगी तो उनका गुस्सा फूट पड़ा।

SDM से महिलाओं ने की बहस

महिलाएं SDM संजीव जैन को भला-बुरा कहने लगीं। संजीव जैन ने उन्हें समझाया लेकिन वह सुनने को तैयार ही नहीं थीं। उनका कहना था कि अगर खाद नहीं थी तो पहले ही सूचना कर देते। प्रशासन ने यह घोषणा की थी कि उनके पास पर्याप्त खाद है और किसी प्रकार की खाद की कमी नहीं हैं।

नाराज किसानों ने लगाए मुर्दाबाद के नारे

जब किसानों के सब्र का बांध टूट गया तो उन्होंने सरकार के मुर्दाबाद के नारे लगाए। वहां मौजूद अधिकारियों ने उन्हें खदेड़ा लेकिन वह उन्हें कुछ हद तक ही खदेड़ सके। किसानों का कहना था कि सरकार उन्हें धोखे में क्यों रखे हैं। जब खाद नहीं है तो पहले से ही इंकार कर देना चाहिए, लेकिन एक तरफ जिला प्रशासन बार-बार कह रहा है कि खाद पर्याप्त मात्रा में मौजूद है तथा दूसरी तरफ खाद दिया नहीं जा रहा है।

फसल खराब हो रही हमारी

किसानों ने बताया कि उनकी फसल खराब हो रही है। अगर उन्हें DAP खाद नहीं मिली तो उनकी फसल बर्बाद हो जाएगी। उनका कहना है कि उनके जीवन का यही एक आधार है। अगर उनकी खेती बर्बाद हो गई तो वे कहीं के नहीं रहेंगे तथा उनके व उनके परिवार के सामने मरने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।

गोदाम से ट्रक में लोड हो रही खाद, किसान बोले- यह अन्याय है

वितरण केन्द्र की खिड़की पर किसान खाद के लिए लाइन लगाए हुए थे, दूसरी तरफ गोदाम से खाद ट्रक में लोड की जा रही थी। किसानों ने कहा कि यह हमारे साथ अन्याय है। हम लोग एक दिन से लाइन में लगे हैं, लेकिन हमें खाद नहीं मिल रही है तथा पीछे से खाद की कालाबाजारी की जा रही है। इस विषय में जिला प्रशासन का कहना है कि वह खाद सोसायटियों को जा रही है, क्योंकि सोसायटियों पर जिन लोगों का पैसा जमा है, उन्हें यह खाद दी जाएगी।

भूखे-प्यासे बिलख रहे थे बच्चे

किसानों के साथ उनकी पत्नी व बच्चे भी आए हुए थे। बच्चे भूख से बिलख रहे थे। सुबह से उन्होंने कुछ खाया-पिया नहीं था। अधिकांश महिलाएं अधेड़ व बुजुर्ग थीं। वह भी सुबह चार बजे ही वहां आ गईं थी, लेकिन दोपहर के 12 बजते-बजते उन्हें भी भूख सताने लगी थी। यह महिलाएं व किसान जिला प्रशासन व सरकार को लगातार कोस रहे थे और अपनी मजबूरी बता रहे थे।

कांग्रेसियों ने दिया धरना

सुबह साढ़े ग्यारह बजे के लगभग कांग्रेसी मंडी में पहुंचे तथा उन्होंने टीन शेड के नीचे धरना दे दिया। कांग्रेसियों में जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा व अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। थोड़ी देर बाद क्षेत्रीय विधायक राकेश मावई वहां पहुंच गए। जिला प्रशासन की तरफ से ADM नरोत्तम भार्गव वहां पहुंच गए। इस मौके पर कांग्रेसियों ने ADM से खाद की सप्लाई को लेकर बात की तो एडीएम ने खाद की कमी बताई तथा जल्द ही इस समस्या का समाधान किए जाने की बात कही।

धरने पर बैठे लोगों के बीच पहुंचे ADM भार्गव।

कलेक्टर बोले- खाद की कमी नहीं है मुरैन कलेक्टर बक्की कार्तिकेयन ने कहा कि खाद की जिले में कमी नहीं है। आज मुरैना शहर को छोड़कर सभी जगह खाद का वितरण किया जा रहा है। जो खाद गोदाम से पीछे से ट्रक में लोड हो रही थी, वो सोसायटियों को जा रही है। 200 किसानों को हम पांच-पांच बोरी के हिसाब से खाद बांट चुके हैं। आज साढ़े आठ सौ किसान आ गया। खाद खत्म हो गया है, जिसकी वजह से हमने कहा है कि दशहरा के बाद खाद आएगी, तब वितरित की जाएगी। कल ग्वालियर में रायरू में खाद की रैक लग रही है, वहां से हमको कल 800 टन खाद मिलेगा। उसके बाद एक रैक और लग रही है तो खाद पर्याप्त हो जाएगी। दशहरा के बाद हम वितरण केन्द्र भी बढ़ा देंगे।