भोपाल । एक बार इस्तेमाल होने वाली यानी सिंगल यूज प्लास्टिक को 1 जुलाई 2022 से प्रातिबंधित कर दिया है, जिसके चलते कई कारखाने तो बंद होंगे ही, वहीं 17 तरह के उत्पादों का निर्माण, विक्रय और उपयोग नहीं किया जा सकेगा। पॉलिथीन कैरीबैग पर पहले से ही प्रतिबंध लागू है। पूर्व में भी केन्द्र सरकार ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी, मगर बाद में विरोध के चलते इसे आगे बढ़ा दिया, ताकि तब तक वैकल्पिक उपाय किए जा सकें। मगर अब 1 जुलाई 2022 से ये प्रतिबंध लागू हो जाएंगे। केन्द्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा 12 अगस्त 2021 को प्लास्टिक अपशिष्ठ प्रबंधन नियम 2016 में संशोधन करते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक अर्थात प्लास्टिक की वस्तु जिसको डिस्पोज या रिसायकल से पहले एक काम के लिए एक ही बार इस्तेमाल किया जाना है, को प्रतिबंधित किया गया है।
17 तरह के उत्पाद प्रतिबंधित
 यह प्रतिबंध 1 जुलाई 2022 से प्रभावशील होंगे। इसके तहत सिंगल यूज प्लास्टिक जिसमें 17 प्रकार के उत्पाद जैसे प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बडस, बैलून के साथ उपयोग होने वाले प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आईस्क्रीम स्टिक एवं सजावट में उपयोग होने वाले थर्माकोल का सामान, प्लेटस, कप्स, ग्लास, फोर्क, स्पून, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे आदि कटलरी आईटम, मिठाई के डिब्बो के चारो और लपेटने वाली फिल्म, निमंत्रण पत्र, सिगरेट पैकेट की पैंकिंग में उपयोग होने वाली प्लास्टिक तथा 100 माइक्रॉन से कम मोटाई के बेनर्स एवं स्टिकर शामिल हैं, के निर्माण एवं क्रय-विक्रय तथा उपयोग को प्रतिबंधित किया गया है।
निकायों को क्रियान्वयन की जिम्मेदारी
 नियमों के क्रियान्वयन हेतु दायित्वाधीन नगरीय निकायों को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम संशोधित 2021 की जानकारी देने के उद्देश्य से किया गया। प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम में एक्स्टेंडेड प्रोड्यूसर रिसपांसबिलिटी का प्रावधान किया गया है। मप्र राज्य में नगरीय ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन नियम 2016 लागू हैं एवं इसके तहत नगर की सीमा में उत्पन्न होने वाले सूखे एवं गीले घरेलू अपशिष्ट का डोर-टू-डोर कलेक्शन, परिवहन, उपचार एवं निपटान की जिम्मेदारी नगरीय निकायों को सौंपी गई है। समस्त नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों से नियमों का पालन करने का आवाहन किया गया।