मध्य प्रदेश में मौसम ने ली करवट, कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी
भोपाल: मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है और झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के अनुसार, राज्य के कई जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विशेष तौर पर श्योपुर, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर और पन्ना में भारी बारिश का अनुमान है, जहां करीब 4 इंच तक पानी बरस सकता है। इसके अलावा राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं।
अब भी सामान्य से 10 प्रतिशत कम हुई है बारिश
राज्य में इस बार मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी। तब से लेकर अब तक पूरे प्रदेश में औसतन 325.1 मिमी (12.8 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, यह आंकड़ा अभी भी सामान्य से लगभग 10 प्रतिशत कम बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, इस समय तक सामान्य तौर पर 359.6 मिमी (14.1 इंच) बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों में हुई अच्छी बारिश के चलते इस कमी में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।
वर्षा की कमी में आ रही लगातार गिरावट
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सुधार की स्थिति: कुछ दिन पहले यानी 20 जुलाई तक प्रदेश में कुल बारिश का कोटा सामान्य से 17 प्रतिशत कम चल रहा था, जो अब घटकर मात्र 10 प्रतिशत पर आ गया है।
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क्षेत्रवार आंकड़े: वर्तमान में पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 13 प्रतिशत कम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में मात्र 6 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में स्थिति और बेहतर हो सकती है।
50 से अधिक जिलों में बारिश की पूरी संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, जिन पांच जिलों में भारी बारिश का अनुमान है, उनके अलावा भी राज्य के 50 से अधिक जिलों में झमाझम या हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा।
प्रभावित होने वाले प्रमुख शहरों और जिलों में भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं।
14 जिलों में औसत से अधिक वर्षा दर्ज
बारिश के मौजूदा आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के 14 जिले ऐसे हैं जहां सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जबकि 41 जिले अभी भी सामान्य कोटे से पीछे चल रहे हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में केवल निवाड़ी ऐसा इकलौता जिला है जहां औसत से ज्यादा पानी गिरा है। इसके अलावा पश्चिमी और अन्य क्षेत्रों में आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, नीमच, राजगढ़, सीहोर, और उज्जैन वे जिले हैं जहां इस मानसून सीजन में सबसे अच्छी और सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।


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