NEET पेपर लीक को लेकर सदन में गरमाया माहौल, कांग्रेस विधायकों का विरोध प्रदर्शन
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन में भारी राजनीतिक गरमाहट देखने को मिल रही है। राज्य सरकार द्वारा सदन के पटल पर रखे गए 7,765.77 करोड़ रुपये के प्रथम अनुपूरक बजट पर आज विस्तृत चर्चा हो रही है। वित्तीय प्रावधानों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। सरकार जहां अतिरिक्त बजट के माध्यम से विभिन्न विभागों के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने का पक्ष रख रही है, वहीं विपक्ष ने बजट के विभिन्न प्रावधानों पर सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बनाई है।
पेपर लीक और युवाओं के मुद्दों को लेकर कांग्रेस का तीखा हमला
सदन की कार्यवाही औपचारिक रूप से शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस के सभी विधायक बांह पर काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे। विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में घटित पेपर लीक की घटनाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर विषयों पर सरकार चर्चा कराने से भाग रही है। कांग्रेस पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि युवाओं और रोजगार से जुड़े इन ज्वलंत मुद्दों पर नियम अनुसार बहस नहीं कराई गई, तो उनका यह विरोध प्रदर्शन आगे भी अनवरत जारी रहेगा।
जंतर-मंतर के आंदोलन का असर और विधायकों का परिसर में धरना
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन और राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन पूरे प्रदेश में तेज हो गया है। इस राष्ट्रव्यापी हलचल का सीधा असर भोपाल में भी देखने को मिल रहा है। देर रात कांग्रेस के विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर के भीतर बैठकर धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों की प्रमुख मांगों को लेकर विपक्ष आज सदन के अंदर भी सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
परिसर में अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल तैनात
विपक्ष के उग्र तेवरों और राजधानी में बढ़ते छात्र प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए विधानसभा परिसर और उसके आसपास सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और सुरक्षा में चूक रोकने के लिए 200 से अधिक अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। परिसर के भीतर सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि मानसून सत्र की कार्यवाही के दौरान सदन की सुरक्षा और व्यवस्था पूरी तरह बनी रहे।


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