उज्जैन नगर निगम सम्मेलन में विपक्ष का बड़ा हमला, सुविधाओं पर उठेंगे सवाल
उज्जैन: उज्जैन नगर निगम के मंगलवार को प्रस्तावित सम्मेलन से पहले ही शहर की राजनीतिक फिज़ा गर्मा गई है। कांग्रेस पार्षद दल ने सत्तापक्ष को बैकफुट पर धकेलने के लिए अपनी पुख्ता रणनीति तैयार कर ली है, जिससे इस बैठक के काफी हंगामेदार रहने के आसार जताए जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष रवि राय के नेतृत्व में आयोजित हुई बैठक में 26 सूत्रीय एजेंडे पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें आम जनता के सीधे हित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से उठाने पर सहमति बनी।
सड़क चौड़ीकरण पीड़ितों के मुआवजे पर घेराबंदी
कांग्रेस के प्रमुख एजेंडे में सड़क चौड़ीकरण की वजह से प्रभावित हुए परिवारों का मुआवजा मामला सबसे ऊपर है। विपक्षी दल का कहना है कि विकास की ज़द में आए ज़मीन व मकान मालिकों को अब तक न्यायसंगत और समय पर मुआवज़ा नहीं मिल सका है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन और नगर निगम का उदासीन रवैया प्रभावितों की परेशानियाँ बढ़ा रहा है। लंबे समय से मुआवज़े की आस लगाए बैठे परिवारों को राहत न मिलने को लेकर सत्तापक्ष से तीखे सवाल करने की तैयारी है।
करोड़ों खर्च के बाद भी शौचालयों की बदहाली पर सवाल
बैठक में शहर के सार्वजनिक शौचालयों और मूत्रालयों की दयनीय स्थिति पर भी कड़ी नाराजगी जाहिर की गई। कांग्रेस का कहना है कि स्वच्छता और रखरखाव पर बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च होने के बाद भी बुनियादी नागरिक सुविधाएं बदहाल हैं। पार्षदों ने तंज कसा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में अव्वल आने के दावे करने वाला निगम बुनियादी सफाई व्यवस्था देने में भी पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।
सदन में सत्तापक्ष को घेरने एकजुट हुआ विपक्ष
रणनीतिक बैठक में उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र गब्बर कुवाल, सचेतक नाजिया बी, पार्षद सपना सांखला, अर्पित दुबे, छोटेलाल मंडलोई, इमरान खान, प्रेमलता रामी, शाहीन मुजीब, नजमा फिरोज पठान और अनवर नागौरी समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। सभी ने सामूहिक रूप से सत्तापक्ष की नाकामियों को उजागर करने और जनता की आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया। ऐसे में मंगलवार को होने वाले निगम सम्मेलन में गरमा-गरम बहस और जोरदार बहस होना तय माना जा रहा है।


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