आंध्र प्रदेश के IT प्रोफेशनल की अमेरिका में बाढ़ के दौरान मौत, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
वॉशिंगटन:अमेरिका के कंसास राज्य में प्राकृतिक आपदा के चलते एक बेहद दर्दनाक और दुखद हादसा सामने आया है। आंध्र प्रदेश के रहने वाले 33 वर्षीय भारतीय आईटी (IT) प्रोफेशनल और छात्र वेंकटेश डोप्पलापुडी की कंसास में अचानक आई मूसलाधार और तेज बाढ़ के बहाव में बह जाने के कारण मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद से अमेरिका से लेकर भारत में उनके पैतृक निवास तक शोक की लहर दौड़ गई है।
तूफान और 6 इंच से अधिक भारी बारिश के बीच फंस गई कार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर को वेंकटेश डोप्पलापुडी अपनी कार से टेक्सास के ह्यूस्टन शहर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान कंसास के कई क्षेत्रों में अचानक मौसम ने करवट ली और भीषण चक्रवाती तूफान ने दस्तक दे दी। इस भारी तूफान के चलते इलाके में महज कुछ ही घंटों के भीतर 6 इंच से भी ज्यादा रिकॉर्डतोड़ बारिश हो गई, जिसने देखते ही देखते पूरे हाईवे को एक खौफनाक जलमग्न नदी में तब्दील कर दिया।
तेज बहाव के कारण लाचार दिखा बचाव दल, अगले दिन मिला शव
सफर के दौरान पानी के विकराल रूप के आगे वेंकटेश की गाड़ी पूरी तरह बेकाबू होकर सैलाब में बह गई। समर काउंटी के आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (इमरजेंसी रेस्पॉन्डर्स) ने स्थानीय मीडिया को बताया कि कुछ राहगीरों ने एक पुल के पास कार को पूरी तरह पानी में डूबते हुए देखा था, जिसमें डोप्पलापुडी अंदर ही फंसे हुए थे। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गया था, लेकिन पानी का बहाव और करंट इतना खतरनाक था कि गोताखोर कार तक पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा सके। बाद में स्थानीय पुलिस, आधुनिक ड्रोनों और कंसास हाईवे पेट्रोल एयर यूनिट समेत कई जांच एजेंसियों ने संयुक्त रूप से एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद रविवार को घटनास्थल से कुछ दूरी पर वेंकटेश का शव बरामद किया गया।
ह्यूस्टन स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने जताया गहरा दुख
ह्यूस्टन में स्थित भारत के वाणिज्य दूतावास (Consulate General) ने इस होनहार भारतीय युवक की असामयिक मृत्यु पर गहरा शोक प्रकट किया है। दूतावास ने आधिकारिक पुष्टि की है कि वे अमेरिकी स्थानीय प्रशासन और समर काउंटी के अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं। वाणिज्य दूतावास द्वारा जारी आधिकारिक शोक संदेश में कहा गया, 'ह्यूस्टन में भारत का वाणिज्य दूतावास आंध्र प्रदेश के मूल निवासी और भारतीय छात्र श्री वेंकटेश डोप्पलापुडी की कंसास की बाढ़ में हुई दुखद मौत से अत्यंत व्यथित है। वाणिज्य दूतावास इस बेहद कठिन और पीड़ादायक समय में शोक संतप्त परिवार और उनके मित्रों के प्रति अपनी गहरी और आत्मीय संवेदनाएं व्यक्त करता है।'
वाणिज्य दूतावास ने आगे आश्वस्त किया है कि उनकी टीम पीड़ित परिवार के साथ सीधे संवाद में है और शव से जुड़ी कानूनी कागजी कार्रवाई को जल्द पूरा करने के लिए अमेरिकी प्रशासन के साथ मिलकर हर संभव सहयोग कर रही है।
पार्थिव देह को भारत भेजने के लिए शुरू हुआ क्राउडफंडिंग अभियान
वेंकटेश डोप्पलापुडी के शव को सम्मानपूर्वक वापस भारत भेजने और उनके माता-पिता तक पहुंचाने के लिए उनके दोस्तों और स्थानीय भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने मिलकर इंटरनेट पर एक 'GoFundMe' (गो फंड मी) नामक ऑनलाइन क्राउडफंडिंग अभियान शुरू किया है। इस मुहिम का मकसद फंड जुटाना है ताकि उनका परिवार अपने गृहराज्य में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार कर सके। एकत्रित की जाने वाली इस आर्थिक सहायता का उपयोग शव के अंतरराष्ट्रीय परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन), एम्बुलेंस, हवाई खर्च और अन्य जरूरी आकस्मिक खर्चों के भुगतान के लिए किया जाएगा।


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