बैतूल के गाजरिया आम को मिला जीआई टैग
बैतूल के गाजरिया आम को मिला जीआई टैग
-------------
देश में पहली बार एक साथ 12 उद्यानिकी फसलों को मिला जी आई टैग
----------
बैतूल ल
मध्यप्रदेश ने इतिहास बनाते हुए एक साथ 12 उद्यानिकी फसलों के लिए जी आई टैग हासिल करने में सफलता हासिल की है। देश में यह पहली बार हुआ है जब एक साथ इतनी बड़ी संख्या में जीआई टैग मिला है। इनमें बैतूल का गाजरिया आम,गुना का धनिया, नरसिंहपुर बरमान घाट का बेंगन, खरगौरी की लाल मिर्च, मांडू की खुरसानी इमली, जबलपुर का मटर, सिवनी का सीताफल, मालवी आलू और गराड़ू, नरसिंहपुर गुड, जबलपुर सिंघाड़ा, आलीराजपुर का नूरजहां आम, बुरहानपुर का केला, इंदौरी जीरावन, रतलाम सैलाना बालम ककड़ी और छतरपुर का पान शामिल है
कृषक कल्याण वर्ष में यह एक बड़ी उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के आय को दो गुना बढ़ाने के लिए उनसे उदयानिकी फसलों की खेती से जुड़ने का आव्हान किया है। फिलहाल 28 लाख हेक्टेयर में उदयानिकी फसलों की खेती हो रही है। वर्ष 2030 तक 30 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने की कार्ययोजना बनाई गई है।
बैतूल का गाजरिया आम
बैतूल जिले में खेड़ला किला, भवरगढ़, सांवलीगढ़, शेरगढ़ और असीरगढ़ किले जो 500 साल से ज्यादा पुराने किलो में आते हैं। जो यह बताते है की बैतूल गोंड राजाओ का केंद्र था। आम किस्म गाजरिया जिले की लोकप्रिय किस्म है फल की सुगंध अनानस जैसी होती है एवं गुदा गाजर के समान होने के कारण इसे गाजरिया आम कहते हैं। आम को जीआई टेग प्राप्त हो गया है। जिससे जिले को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी एवं किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। यह मुख्यतः विकासखण्ड बैतूल, घोडाडोंगरी, शाहपुर एवं चिचोली में अधिक मात्रा में उत्पादन किया जाता है। इन्हीं विकासखण्डों में क्लस्टर बनाकर क्षेत्र विस्तार की कार्य योजना है।


राशिफल 25 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
तेंदूपत्ता संग्राहकों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की ओर छत्तीसगढ़
सी.एम. हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधानः सौर सुजला योजना का सोलर पंप चालू होने से लौटी किसान के खेतों की रौनक
तकनीक, समन्वय और प्रशिक्षित पुलिस बल के दम पर होगा सुरक्षित एवं व्यवस्थित सिंहस्थ-2028 - डीजीपी कैलाश मकवाणा
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से होमेश्वर प्रसाद जायसवाल को मिली राहत, शून्य हुआ बिजली बिल