नाबालिग के अपहरण का मामला, पुलिस ने आरोपियों की तलाश की तेज
जबलपुर: संस्कारधानी के ग्वारीघाट थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की और उसकी सहेली का घर से जबरन अपहरण करने, उनके साथ बर्बरता से मारपीट करने और इस खौफनाक कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय ग्वारीघाट थाना पुलिस द्वारा मामले में सख्त एक्शन न लेने और आरोपियों को खुला छोड़ देने से नाराज होकर पीड़िता, अपने परिवार और क्षेत्र के नागरिकों के साथ सीधे पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंची। पीड़िता ने एसपी को सौंपे अपने शिकायत पत्र में पड़ोस की 4 युवतियों सहित पवन, शिब्बू और एक सौतेली मां पर सुनसान खंडहर में ले जाकर अमानवीय व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। तीन दिन पहले हुई इस वारदात में अब तक कोई गिरफ्तारी न होने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।
घर में घुसकर किया अगवा, ये थी विवाद की मुख्य वजह
इस पूरे विवाद के पीछे की वजह बेहद चौंकाने वाली है। जांच के अनुसार, पीड़ित किशोरियों ने अपनी एक सहेली को अपने घर में शरण (पनाह) दे रखी थी। उस सहेली का आरोप था कि उसकी सौतेली मां उसके साथ अक्सर बेरहमी से मारपीट और प्रताड़ना करती है। जब सौतेली मां को पता चला कि इन लड़कियों ने उसकी बेटी को अपने घर में रखा है, तो वह आगबबूला हो गई। उसने लड़कियों को सबक सिखाने के लिए एक खौफनाक साजिश रची। इस काम के लिए उसने पड़ोस की चार बालिग युवतियों और पवन व शिब्बू नाम के दो युवकों को अपने साथ मिलाया। योजना के तहत ये सभी आरोपी जबरन पीड़ित किशोरी के घर में घुसे, वहां जमकर हंगामा किया और दोनों किशोरियों को अगवा कर एक सुनसान खंडहर में ले गए।
खौफ फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर डाला मारपीट का वीडियो
खंडहर में ले जाकर आरोपियों ने दोनों किशोरियों के साथ जमकर मारपीट की। इलाके में अपना खौफ और दहशत फैलाने के इरादे से आरोपियों ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस अमानवीय घटना के बाद से दोनों पीड़ित किशोरियां गहरे सदमे और मानसिक तनाव में हैं।
घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लेकर ग्वारीघाट थाने पहुंचा था, लेकिन आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने मामले को बेहद हल्के में लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बेहद मामूली धाराओं में केस दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर ली और किसी भी नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। पुलिस के इसी ढीले रवैए से तंग आकर पीड़ित परिवार को एसपी कार्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित पक्ष को आश्वस्त किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और वीडियो के आधार पर सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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