कई किलोमीटर तक जाम ही जाम, केशकाल घाटी में हालात हुए बेकाबू
कोंडागांव: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग को राजधानी रायपुर से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग, केशकाल घाटी में गुरुवार सुबह एक बार फिर यात्रियों और वाहन चालकों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ा। नेशनल हाईवे-30 (NH-30) पर स्थित इस प्रसिद्ध घुमावदार घाटी से लेकर शहर के भीतर तक करीब 2 से 3 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। इस भीषण जाम के चलते सैकड़ों मुसाफिर, बसें और आवश्यक सामग्री लेकर जा रहे ट्रक घंटों फंसे रहे, जिससे पूरे हाईवे पर आवाजाही की रफ्तार पूरी तरह थम गई।
एक दिन पहले हुए हादसे का असर गुरुवार सुबह तक रहा
स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, इस महाजाम की मुख्य वजह बुधवार को घाटी क्षेत्र में हुआ एक सड़क हादसा था। बुधवार को दुर्घटना के बाद सड़क पर जो यातायात बाधित हुआ, उसका असर देर शाम और रात तक बना रहा। हालांकि मौके पर मौजूद हाईवे पेट्रोलिंग और स्थानीय पुलिस ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन बुधवार के ट्रैफिक के दबाव के कारण गुरुवार सुबह तक पूरा मार्ग चोक हो गया और गाड़ियां चींटी की रफ्तार से रेंगती नजर आईं।
संकरे मोड़ और अंधाधुंध ओवरटेकिंग ने बिगाड़े हालात
क्षेत्रीय नागरिकों और चश्मदीदों के अनुसार, केशकाल घाटी के बेहद संकरे और खतरनाक मोड़ों पर भारी मालवाहक वाहनों (ट्रकों और ट्रेलरों) का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में जाम के दौरान कुछ छोटे वाहन चालकों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर की जाने वाली लापरवाह ओवरटेकिंग स्थिति को और ज्यादा बदतर बना देती है। आड़े-तिरछे वाहनों के फंस जाने के कारण दोनों तरफ का रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया, जिससे मार्ग को खाली कराना और मुश्किल हो गया।
पुलिस ने वन-वे सिस्टम लागू कर खुलवाया रास्ता
घाटी में भीषण जाम और यात्रियों की परेशानी की खबर मिलते ही केशकाल थाने का पुलिस बल और अतिरिक्त यातायात कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने सबसे पहले ओवरटेक कर के बीच में फंसे वाहनों को किनारे कराया। इसके बाद बेहद सूझबूझ के साथ 'वन-वे सिस्टम' (बारी-बारी से एक तरफ के वाहनों को छोड़ना) लागू किया गया। पुलिस अधिकारियों और जवानों की कई घंटों की कड़ी मशक्कत और भारी पसीने बहाने के बाद दोपहर तक हाईवे पर यातायात को दोबारा सुचारू रूप से बहाल किया जा सका।
प्रशासन की चेतावनी को ठेंगा दिखा रहे लापरवाह चालक
उल्लेखनीय है कि पुलिस और लोक निर्माण विभाग द्वारा केशकाल घाटी के हर संवेदनशील मोड़ पर बड़े-बड़े चेतावनी और दुर्घटना संभावित क्षेत्र के साइन बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर साफ अक्षरों में 'ओवरटेकिंग निषेध' लिखा हुआ है। इसके बावजूद कई वाहन चालक जल्दबाजी के चक्कर में इन नियमों की अनदेखी करते हैं, जिसके चलते आए दिन इस जीवन रेखा माने जाने वाले मार्ग पर जाम और हादसों का सिलसिला बना रहता है।
प्रशासन ने एक बार फिर सभी बस और ट्रक संघों सहित आम वाहन चालकों से अपील की है कि वे घाटी पार करते समय धैर्य रखें, कतार में चलें और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें ताकि दूसरों की जान जोखिम में न पड़े।


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