सिस्टम फेल या लापरवाही? एंबुलेंस न मिलने पर महिला की मौत का मामला गरमाया
मनेंद्रगढ़: छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला मुख्यालय में स्थित 220 बिस्तरों वाले सिविल अस्पताल से चिकित्सा व्यवस्था की संवेदनहीनता और बड़ी लापरवाही की एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहाँ नई लेदरी क्षेत्र की रहने वाली 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला श्यामा बाई को अचानक दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने के बाद शाम करीब 6 बजे गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार दिया और बेहतर इलाज के लिए तुरंत रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) रेफर कर दिया।
6 घंटे तक एंबुलेंस के लिए गुहार लगाते रहे परिजन, शिफ्ट करते ही तोड़ा दम
पीड़ित परिवार का गंभीर आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा रेफर किए जाने के तुरंत बाद उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से '108 संजीवनी एक्सप्रेस' एंबुलेंस उपलब्ध कराने की लगातार मिन्नतें कीं। मरीज की हालत पल-पल बिगड़ रही थी, लेकिन घंटों गिड़गिड़ाने के बाद भी एंबुलेंस समय पर अस्पताल नहीं पहुंची।
आखिरकार, जिंदगी और मौत के बीच जूझते हुए 6 घंटे के बेहद लंबे और दर्दनाक इंतजार के बाद आधी रात को एंबुलेंस सिविल अस्पताल परिसर पहुंची। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जैसे ही श्यामा बाई को एंबुलेंस के भीतर शिफ्ट किया जा रहा था, उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। समय पर वाहन न मिलना महिला के लिए जानलेवा साबित हुआ।
परिजनों ने शव वाहन में रखकर किया हंगामा, जांच टीम गठित
समय पर इलाज न मिलने और अस्पताल की इस बड़ी कोताही से गुस्साए परिजनों का सब्र टूट गया। उन्होंने मृतका के शव को एंबुलेंस के भीतर ही रखकर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। अस्पताल में बवाल और तनाव बढ़ने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस घटना पर तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने घटना की पूरी सच्चाई और तकनीकी खराबी की कड़ियों को जोड़ने के लिए एक तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कड़े लहजे में स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आते ही लापरवाही बरतने वाले अस्पताल के कर्मचारियों या एंबुलेंस प्रबंधन के दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


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