बैतूल जिला अस्पताल ने बचाई आंध्रप्रदेश की महिला की जान, वेंटिलेटर पर उपचार से मिली नई जिंदगी
सफलता की कहानी
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बैतूल जिला अस्पताल ने बचाई आंध्रप्रदेश की महिला की जान, वेंटिलेटर पर उपचार से मिली नई जिंदगी
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बैतूल 3 जून 2026/आंध्रप्रदेश के गुंटूर निवासी एक गंभीर रूप से बीमार महिला को बैतूल जिला चिकित्सालय में समय पर मिले उपचार और चिकित्सकों की तत्परता से नया जीवन मिला। सांस लेने में गंभीर परेशानी के कारण आमला रेलवे स्टेशन पर उतारी गई महिला का ऑक्सीजन स्तर मात्र 50 प्रतिशत रह गया था, लेकिन जिला अस्पताल की आईसीयू टीम के प्रयासों से वह अब पूरी तरह स्वस्थ है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज कुमार हुरमाडे ने बताया कि आंध्रप्रदेश के देवपुरम गुंटुर के लिये रेल से जा रही एक महिला को आमला रेलवे स्टेशन पर स्वास्थ्य खराब होने पर गंभीर स्थिति में उपचार के लिए उतारा गया था। महिला की आमला रेलवे अस्पताल में जांच की गई, महिला को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। महिला का ऑक्सीजन लेवल 50 प्रतिशत था। आमला रेलवे अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद मरीज की हालत में सुधार नहीं होने पर उसे जिला अस्पताल रैफर किया।
उन्होंने बताया कि महिला को 27 मई को जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया। मरीज काफी गंभीर स्थिति में थी। मरीज सांस और कुछ बोल भी नहीं पा रही थीं। महिला साउथ की होने के कारण मरीज को क्या तकलीफ थी यह बता नहीं पा रही थी और न ही मरीज की भाषा समझ आ रही थी। मरीज के साथ कोई परिजन भी नही था, जो उसकी बातों को समझा सकता था कि मरीज को क्या तकलीफ हैं। एमडी मेडीसिन डॉ .रोहित पराते ने बताया कि रेलवे पुलिस द्वारा जानकारी लेने पर ज्ञात हुआ कि महिला के घरवाले आस्ट्रेलिया में रहते है। उनके करीबी परिजन से संपर्क किया गया। उनको मरीज की गंभीर हालत के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि वे दो दिन बात पंहुचेगे।
एमडी मेडीसिन डॉ रोहित पराते द्वारा महिला को सांस की बीमारी का उपचार चालू किया गया। शाम तक 70 प्रतिशत से ज्यादा ऑक्सीजन लेवल में सुधार नही होने पर, डॉ रोहित पराते एवं आईसीयू टीम द्वारा तय किया कि मरीज कि जान की सुरक्षा के लिए उसे वेंटिलेटर पे लेना चाहिए एवं मरीज को वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। करीब चार दिन तक मरीज को वेंटीलेटर पर उपचाररत रखा। महिला की हालत में धीरे-धीरे सुधार होंने लगा। मरीज को धीरे-धीरे वेंटिलेटर से बाहर निकाला गया। अब मरीज पूर्णतः स्वस्थ है। दो दिन बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
डॉ. रोहित पराते एवं आईसीयू की टीम द्वारा मरीज के परिजन न होने पर भी तत्काल निर्णय लेकर मरीज को वेंटिलेटर पर लेकर ठीक किया। साथ ही एक परिवार की तरह उसका ख्याल रखा देखरेख की।
दो दिन बाद अस्प्ताल पहुंचे महिला के भतीजे श्री यशवंत ने बताया कि उनकी मौसी श्रीमती चुन्दी शुभा वाणी पति स्वर्गीय श्री सुब्बाराव आंध्रप्रदेश गुंटुर की रहने वाली है, उनकी मौसी ग्रुप के साथ हिमालय, केदारनाथ की यात्रा करने गईं थी। लौटते समय उनका स्वास्थ्य खराब हो गया था।महिला के स्वस्थ्य होने पर उनके भतीजे श्री यशवंत ने जिला चिकित्सालय में निशुल्कः मिले उपचार एवं की गई देखभाल के लिए जिला चिकित्सालय की टीम एवं शासन का धन्यवाद दिया।
जिला चिकित्सालय में म.प्र. शासन द्वारा महत्वपूर्ण आईसीयू की इकाई स्थापित की गई हैं। इस सुविधा से अब गंभीर अवस्था में लाये गये बिना परिजन के अकेले मरीज को भी तत्काल उपचार मिला है और वह स्वस्थ्य हैं।


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