CCTV और तकनीक से खुली चोरी की गुत्थी, आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर: 1200 किमी दूर मेरठ से बाइक पर चोरी करने पहुंचे दो शातिर चोर, एक डिजिटल पेमेंट ने पहुंचाया जेल
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर में हुई एक बड़ी चोरी का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ से बाइक पर करीब 1200 किलोमीटर का सफर तय कर आए दो चोरों ने शहर के पॉश इलाकों में सेंधमारी की थी। हालांकि, तकनीक के इस दौर में चोरों की एक छोटी सी डिजिटल गलती ने उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
मेरठ से बिलासपुर तक का सफर और वारदात
आरोपी ताज मोहम्मद और वसीम मोहम्मद बाइक से उत्तर प्रदेश से बिलासपुर पहुंचे थे। 28 सितंबर 2025 को उन्होंने शहर के 'साकेत अपार्टमेंट' के दो फ्लैटों (B-15 और B-201) को निशाना बनाया और वहां से भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर पार कर दिए। इसके बाद वे मंगला स्थित 'रियल हैवन अपार्टमेंट' में भी चोरी की नीयत से घुसे, लेकिन पड़ोसियों की सतर्कता के कारण उन्हें वहां से खाली हाथ भागना पड़ा।
300 सीसीटीवी कैमरों और साइबर सेल की मेहनत
एएसपी पंकज कुमार पटेल के मुताबिक, इस गुत्थी को सुलझाने के लिए ACCU और सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। पुलिस ने चोरों के भागने के रास्ते का पीछा करते हुए लगभग 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस की टीम दिल्ली और फिर मेरठ तक जा पहुंची।
डिजिटल पेमेंट ने खोला राज
शातिर चोरों ने वारदात के दौरान अपने मोबाइल फोन बंद रखे थे ताकि पुलिस उन्हें ट्रैक न कर सके। लेकिन मुख्य आरोपी ताज मोहम्मद ने रास्ते में एक जगह PhonePe (डिजिटल पेमेंट एप) के जरिए ट्रांजैक्शन किया। पुलिस ने इसी डिजिटल फुटप्रिंट का पीछा किया और आरोपी को धर दबोचा। पूछताछ में पता चला कि इस गैंग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में अब तक चोरी और लूट की 47 वारदातों को अंजाम दिया है।


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