गन्ना फसल के लिए उर्वरक की अनुशंसित मात्रा ही दर्ज कराएं किसान

 

बैतूल 

जिले में किसानों को उर्वरक वितरण के लिए पीओएस एवं ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से सुचारू रूप से व्यवस्था संचालित की जा रही है। कृषि उपसंचालक  ने बताया कि 01 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक दोनों माध्यमों से कुल 16,204 मीट्रिक टन उर्वरकों का विक्रय किया गया। उल्लेखनीय है कि जिले में गन्ना फसल की कटाई माह नवंबर अंत से प्रारंभ होकर 15 मार्च तक होती है, जिसके दौरान पैडी एवं नवीन गन्ना फसल हेतु किसानों द्वारा उर्वरक क्रय किया गया।

       उन्होंने बताया कि 01 अप्रैल से 21 अप्रैल 2026 तक ई-टोकन प्रणाली अंतर्गत कुल 2,689 टोकन जारी किए गए, जिनमें से 1,113 टोकन का उपयोग कृषकों द्वारा किया गया तथा 864 टोकन निरस्त हुए। इस अवधि में कुल 352.38 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया गया है।

       वर्तमान में ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से फसलों की अनुशंसित मात्रा के अनुसार ही उर्वरक प्रदाय किया जा रहा है। गन्ना फसल के लिए प्रति हेक्टेयर 300 किलोग्राम नाइट्रोजन, 100 किलोग्राम फास्फोरस, 80 किलोग्राम पोटाश एवं 25 किलोग्राम जिंक सल्फेट की आवश्यकता निर्धारित है, जिसकी गणना पोर्टल के माध्यम से स्वचालित रूप से की जाती है। तत्संबंध में कुछ कृषकों को पोर्टल पर उर्वरक की मात्रा दर्ज करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके द्वारा दर्ज मांग पोर्टल द्वारा स्वीकार नहीं हो पाती है। इस प्रक्रिया को कुछ कृषकों को समझने में कठिनाई होने से पोर्टल पर उर्वरक बोरीयो की उचित मात्रा दर्ज नहीं कर पाते व अपनी मर्जी से उर्वरकों की मांग दर्ज करते है जिसे पोर्टल स्वीकार नहीं करता है। कृषकों से अनुरोध है कि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही जानकारी दर्ज करें। 

       उन्होंने बताया कि जिले में 21 अप्रैल तक कुल 1212 गन्ना कृषकों द्वारा अनुरोध  किए जाने पर गन्ना फसल के लिए उर्वरक के लिये 301 कृषकों को उर्वरक प्रदान करने का अनुरोध को स्वीकार किया गया है तथा 225 कृषकों का अनुरोध अस्वीकार किया गया एवं 686 अनुरोध लंबित है। इसके अलावा चना, मसूर उपार्जन के अन्तर्गत जिले में  21 अप्रैल 2026 की स्थिति में 699 किसानों के द्वारा स्लॉट बुक किये गये है। जिसके तहत 91 किसानों के द्वारा 1931 क्विंटल चना उपार्जन एवं 01 किसान के द्वारा 5 क्विंटल मसूर का उपार्जन किया गया है। वर्तमान समय में चना एवं मसूर उपार्जन के लिए किसानों के द्वारा स्लॉट बुक किए जा रहे है। किन्तु तत्संबंध में विशेष किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। किसानों के द्वारा स्लॉट बुक होने के सबंध में शिकायत प्राप्त होने पर वरिष्ठालय को अवगत कराया जाना प्रस्तावित है।