बालाजीपुरम में चमत्कारिक चंडीयज्ञ शुक्रवार सुबह , रामजन्म दोपहर को

रामनवमी पर विशाल भंडारा भी 

बैतूल। चंडी यज्ञ...एक ऐसा यज्ञ जिससे महाकाली देवी का साक्षात स्वरूप अग्नि कुंड से प्रकट होता नजर आता है। भारत के पांचवेधाम श्री रूकमणि बालाजी मंदिर बालाजीपुरम बैतूल में यह चंडी यज्ञ इस बार पूरे पारम्परिक विधि-विधान से होगा। इसके लिए दक्षिण भारत से प्रकाण्ड पंडित बालाजीपुरम पहुंच चुके हैं। इस यज्ञ के लिए पूरे नवरात्र तैयारियों का दौर चलता रहा।

बालाजीपुरम संस्थापक सेम वर्मा बताते हैं कि शुक्रवार को रामनवमी के विशेष मुहूर्त पर यह चंडी यज्ञ बालाजीपुरम के चित्रकूट धाम में वैष्णों मंदिर की यज्ञशाला में सुबह 7 बजे से आरंभ होगा। करीब 5 घंटे चलने वाले यज्ञ में दुर्गा सप्तशती के 13 अध्याय का पाठन आहूतियों के साथ होगा। करीब 7 लीटर घी और सवा क्विंटल हवन सामग्री इस चंडी यज्ञ में अर्पित होती है। 151 तरह की जड़ी-बूटियां इसमें स्वाहा देवी को अर्पित होती है। हजारों रूपये की महंगी साड़ी जब अग्नि के माध्यम से मां को समर्पित होती है तब अग्नि का स्वरूप साक्षात देवीमय होता है।  इस दौरान ही आप जिस कामना का संकल्प लेकर बैठते हैं मां स्वयं उपस्थित होकर उसका वरदान देती हैं। ऐसा त्वरित फलदाई यज्ञ दुर्लभ है अत: मौका मत चूकिए और 27 मार्च की सुबह 7 बजे बालाजीपुरम पहुंच जाइए। यज्ञ के बाद ठीक 12 बजे भगवान राम का जन्मोत्सव और फिर कन्यादेवी भोज के साथ भंडारा होगा।