तेल आपूर्ति पर चिंता खत्म, पश्चिम एशिया हालात पर सर्वदलीय बैठक संपन्न
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक कर स्थिति पर गहन चर्चा की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में करीब 1 घंटे 45 मिनट तक चली। इस बैठक में सरकार ने साफ संदेश दिया कि देश में हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और किसी भी तरह से घबराने की जरूरत नहीं है। बैठक का मकसद विपक्ष को मौजूदा स्थिति से अवगत कराना और राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता दिखाना था।बैठक में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति से जुड़े मंत्री मौजूद रहे, जिनमें अमित शाह, एस जयशंकर और निर्मला सीतारमण शामिल हैं। इसके अलावा जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू भी बैठक में शामिल हुए। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने वैश्विक हालात और पश्चिम एशिया के संकट पर विस्तार से जानकारी दी। कांग्रेस के तारिक अनवर और मुकुल वासनिक, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव और बीजद के सस्मित पात्रा भी बैठक में मौजूद रहे।
सरकार को मिला विपक्ष का साथ
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बैठक में सभी दलों ने हिस्सा लिया और सरकार के साथ खड़े होने का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि विपक्ष के सभी सवालों का जवाब दिया गया और मौजूदा स्थिति पर विस्तार से जानकारी साझा की गई। रिजिजू ने सभी दलों का धन्यवाद करते हुए कहा कि देशहित के मुद्दे पर राजनीतिक दलों ने एकजुटता दिखाई है और हालात के अनुसार सरकार जो भी कदम उठाएगी, उसमें पूरा सहयोग मिलेगा।
बैठक में विपक्ष को क्या जानकारी दी गई?
मंत्री ने आगे बताया कि सरकार की ओर से सभी सवाल और जो भी भ्रम थे, उन्हें पूरी तरह स्पष्ट कर दिया गया है। बैठक के अंत में विपक्षी दलों ने कहा कि वे सरकार द्वारा इस सर्वदलीय बैठक बुलाने के लिए आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कठिन और चुनौतीपूर्ण समय में सभी को एकजुट होकर खड़ा होना होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने भी संसद के माध्यम से अपील की है कि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में भारतीय संसद को एक साथ खड़ा होना चाहिए। मुझे लगता है कि विपक्ष ने परिपक्वता दिखाते हुए कहा कि वे सरकार द्वारा उठाए गए हर कदम के साथ खड़े रहेंगे। कई सदस्यों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गैस और पेट्रोलियम सप्लाई के बारे में जानकारी मांगी थी और वे इस बात से संतुष्ट हैं कि भारत ने पहले ही चार जहाज सुरक्षित कर लिए हैं।
रिजिजू ने आगे कहा कि सभी ने अपनी-अपनी पार्टियों की ओर से जानकारी साझा की और चिंताएं व्यक्त कीं। विपक्ष के सदस्यों ने ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का भारत पर क्या असर पड़ेगा और सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए क्या कदम उठाए हैं, इस पर कई सवाल पूछे। सरकार ने इन सभी सवालों के व्यापक और स्पष्ट जवाब दिए। मैं यह कहकर संतुष्ट हूं कि सरकार ने विपक्ष के हर सवाल का जवाब दिया है। अंत में सभी विपक्षी साथियों ने कहा कि इस संकट की घड़ी में सरकार जो भी फैसला लेगी, उसमें वे एकजुट होकर समर्थन देंगे। विपक्ष की जो मांग थी कि उन्हें पूरी जानकारी दी जाए, वह सरकार ने आज दे दी है।


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