होली भाई दूज कब है, आज या कल? जानें सही तारीख, मुहूर्त और महत्व
होली भाई दूज का पर्व हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाते हैं. होली के अगले दिन ही भाई दूज का पर्व होता है क्योंकि चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को होली खेली जाती है. हालांकि कई बार तिथियों के समय में कम का अंतर होने पर यह होली के दिन ही पड़ सकता है. होली भाई दूज के दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाती हैं और उनके सुखी जीवन की कामना करती हैं. आइए जानते हैं कि होली भाई दूज कब है? होली भाई दूज का मुहूर्त क्या है?
होली भाई दूज कब है?
दृक पंचांग के अनुसार, होली भाई दूज के लिए आवश्यक चैत्र कृष्ण द्वितीया तिथि का प्रारंभ 4 मार्च दिन बुधवार को शाम 04:48 पी एम से होगा. इस तिथि का समापन 5 मार्च दिन गुरुवार को 05:03 पी एम पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर होली भाई दूज का पर्व 5 मार्च गुरुवार को मनाया जाएगा.
होली भाई दूज मुहूर्त
5 मार्च को होली भाई दूज के दिन सुबह में ही शुभ-उत्तम मुहूर्त है. यह सुबह 06:42 ए एम से 08:10 ए एम तक है. इससे पहले ब्रह्म मुहूर्त 05:04 ए एम से 05:53 ए एम तक है. उसके बाद दिन का शुभ मुहूर्त यानि अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 12:09 पी एम से 12:56 पी एम तक है.
इस बार होली भाई दूज पर राहुकाल दोपहर में है. राहुकाल दोपहर में 02:00 पी एम से लेकर 03:28 पी एम तक है. राहुकाल में भाई दूज का तिलक न लगाएं.
उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में होली भाई दूज
होली भाई दूज के दिन उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र है. यह प्रात:काल से लेकर सुबह 08:17 ए एम तक है, उसके बाद से हस्त नक्षत्र है. उस दिन शूल योग प्रात:काल से लेकर सुबह 07:46 ए एम तक है, उसके बाद से गंड योग है. ये दोनों शुभ योग नहीं हैं.
होली भाई दूज का महत्व
होली भाई दूज के दिन बहन अपने भाई को तिलक लगाती हैं और उनके सुखी जीवन की कामना करती हैं. पौराणिक कथा के अनुसार, दूज के दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर गए थे तो उन्होंने उनका आदर सत्कार किया, जिससे यम प्रसन्न हुए. उन्होंने यमुना को आशीर्वाद दिया कि भाई दूज पर जो भाई अपनी बहन के घर आएगा, उसे अकाल मृत्यु से भय नहीं होगा. इस वजह से साल में दो बार भाई दूज का पर्व मनाते हैं. एक होली भाई दूज और दूसरा दिवाली भाई दूज.


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