फलस्तीन के सवाल पर भारत की भूमिका को बताया अहम
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गाजा में इस्राइल की सैन्य कार्रवाई की निंदा की है और पीएम मोदी से अपील की है कि वे इस्राइल दौरे पर फलस्तीनियों के अधिकारों का मुद्दा उठाएं। पीएम मोदी दो दिवसीय दौरे पर इस्राइल में मौजूद हैं। अराघची ने आरोप लगाया कि गाजा में इस्राइल की कार्रवाई नरसंहार के बराबर है और तेहरान, इस्राइल के साथ जुड़ना ठीक नहीं समझता। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस्राइल में पीएम मोदी फलस्तीनियों और उनके आत्मनिर्णय के अधिकार के मुद्दे पर भी बात करेंगे।
'इस्राइल में फलस्तीनियों के मुद्दे उठाएं पीएम मोदी'
इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में अराघची ने कहा, 'दुर्भाग्यवश, इस्राइल ने पूरे गाजा को तबाह किया है। 75 हजार लोग मारे गए हैं और यह सिर्फ दावा नहीं है बल्कि तथ्य है, जिसकी पुष्टि गाजा मुद्दे पर काम करने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने की है। यह एक नरसंहार है। इसलिए जाहिर है, हम ऐसे नरसंहारी शासन के साथ जुड़ना ठीक नहीं समझते। भारत में हमारे दोस्तों को खुद फैसला करना है, लेकिन मुझे उम्मीद है कि पीएम मोदी के कार्यकाल में वे फलस्तीनियों और उनके आत्मनिर्णय के अधिकार के मुद्दे पर भी ध्यान देंगे।'
भारत-ईरान संबंधों पर भी बोले
ईरानी विदेश मंत्री ने भारत और ईरान के मजबूत संबंधों पर भी बात की और भारत को ईरान का दोस्त बताया। उन्होंने कहा, 'भारत के साथ हमारे संबंध हमेशा से बहुत अच्छे रहे हैं। भारत ईरान का दोस्त है और हमारा रिश्ता ऐतिहासिक है। हमने हमेशा से अच्छे द्विपक्षीय आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंध बनाए रखे हैं। हम चाहते हैं कि यह संबंध ऐसे ही बने रहें। मेरे सहयोगी मंत्री जयशंकर के साथ अच्छे संपर्क हैं और हम हमेशा अपने विचार साझा करते हैं। हमारे व्यक्तिगत संबंध भी बहुत अच्छे हैं।'


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