श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य सेवाओं को मिशन मोड में सुदृढ़ करने के दिए निर्देश
रायपुर : नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में आयोजित मुख्य चिकिसा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व सिविल सर्जन की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दूसरे दिन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, किंतु सरकार की प्राथमिकता अब भी यह सुनिश्चित करना है कि दूरस्थ, वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचें।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दुर्गम क्षेत्रों में 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से निरंतर सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इन यूनिटों की नियमित समीक्षा करने और लाभार्थियों से फीडबैक लेना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनजातीय क्षेत्रों पर विशेष फोकस करते हुए उन्होंने प्रत्येक माह आवश्यक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
आपातकालीन सेवाओं को लेकर मंत्री श्री जायसवाल ने 102 महतारी एक्सप्रेस, 108 संजीवनी एक्सप्रेस तथा 1099 से संबंधित शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है और इसके लिए सभी स्तरों पर मिशन मोड में कार्य किया जाना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने प्रदेश के 5,000 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप-स्वास्थ्य केंद्रों को पूरी तरह क्रियाशील करने, पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा अधोसंरचना सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
डायग्नोस्टिक सेवाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मंत्री ने अस्पतालों में लैब टेक्नीशियन की उपलब्धता तथा जांचों की गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही नए जांच उपकरणों की खरीदी कर सभी अस्पतालों में जांच सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। साथ ही बाहर की दवाएँ लिखने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
मानव संसाधन को स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए श्री जायसवाल ने नए जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और सिविल सर्जनों को भर्ती से संबंधित विज्ञापन एक सप्ताह के भीतर जारी करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम को एक महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर डायलिसिस यूनिट स्थापित करने तथा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक जन औषधि केंद्रों के विस्तार पर विशेष जोर दिया।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के शासकीय अस्पताल किसी भी दृष्टि से निजी अस्पतालों से कमतर नहीं हैं । जिला अस्पतालों में बेहतर उपचार सुविधाओं के साथ-साथ उच्च स्तरीय स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। शासकीय अस्पतालों की छवि को और अधिक सशक्त बनाने को सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए उन्होंने सभी जिला अस्पतालों में अनिवार्य रूप से ब्लड बैंक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।


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