बीएचयू में दो हॉस्टल के छात्रों में हुई मारपीट, एक पीजी छात्र गंभीर रूप से घायल
वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में दो छात्रावासों के छात्रों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। रुइया हॉस्टल और बिरला-सी हॉस्टल के छात्रों के बीच मारपीट और पथराव की घटना में पीजी छात्र पीयूष तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में गहरी चोट आई है, जिसके बाद उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। घटना के बाद पूरे कैंपस में तनाव का माहौल बन गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, कि रुइया हॉस्टल के गेट पर उस समय करीब 50–60 छात्र प्रॉक्टोरियल बोर्ड से किसी मुद्दे पर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान पीयूष तिवारी बाइक से वहां से गुजरा। तभी उसकी बिरला-सी हॉस्टल के तीन छात्रों से कहासुनी हो गई। देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई, जिसमें पीयूष के सिर पर गंभीर चोट लग गई।
पीयूष के घायल होने की खबर फैलते ही रुइया हॉस्टल के छात्र आक्रोशित हो गए। इसी बीच आरोप है कि बिरला-सी हॉस्टल के 30–40 छात्र, जिनमें कुछ के चेहरे कपड़े से ढंके थे, लाठी-डंडे और पत्थर लेकर रुइया हॉस्टल की ओर दौड़ पड़े और जमकर पथराव किया। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही लंका थाना पुलिस, बीएचयू चौकी प्रभारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी काशी गौरव स्वयं मौके पर पहुंचे। हालात काबू में करने के लिए करीब 500 पुलिसकर्मियों, 3 एसीपी, 5 थानों की फोर्स, एक टीम पीएसी और आरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया। इसी के साथ ही पूरे इलाके की ड्रोन से निगरानी रखी गई।
पुलिस ने बिरला-सी हॉस्टल को चारों ओर से घेर लिया है। तलाशी अभियान के तहत कई कमरों के ताले तोड़कर जांच की गई है। इस दौरान विश्वविद्यालय का प्रॉक्टोरियल बोर्ड भी मौके पर मौजूद रहा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी करने की बात कही है।
छात्रों का आरोप है कि घटना में कुछ निष्कासित छात्र भी शामिल थे, जिनके खिलाफ पहले से अनुशासनात्मक कार्रवाई हो चुकी है। घायल छात्र के समर्थन में रुइया हॉस्टल के छात्र आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। फिलहाल कैंपस में हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।


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