मध्य प्रदेश में पहली बार होगी पैराग्लाइडिंग, इतने पैसों में कर सकेंगे हवा की सैर, जानिए लोकेशन
इंदौर: आसमान में उड़ने की ख्वाहिश रखने वाले सैलानियों के अलावा प्रदेश के पैराग्लाइडर अब यहां भी पैराग्लाइडिंग कर सकेंगे. मध्य प्रदेश में पहली बार राऊ में पैराग्लाइडिंग का टेंडम फेस्टिवल होने जा रहा है. जहां दो दिनों तक लोग आसमान में उड़ने के साथ पैराग्लाइडिंग कर सकेंगे. जानिए कैसे होगी पैराग्लाइडिंग और कितना उसका चार्ज रहेगा.
इंदौर में पहली बार पैराग्लाइडिंग
यह फेस्टिवल मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब और स्टेट टूरिज्म बोर्ड के तत्वावधान में हो रहा है. इस आयोजन में फ्लाइंग क्लब से जुड़े पैराग्लाइडर और एडवेंचर स्पोर्ट के प्रतिभागी भी हिस्सा लेंगे. फ्लाइंग क्लब के प्रमुख मंदार महाजन ने बताया कि "उत्तरी भारत के कुछ राज्यों में पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता होती है, लेकिन पहली बार मध्य प्रदेश में इसका आयोजन हो रहा है. उन्होंने कहा कि पैराग्लाइडिंग सबसे ज्यादा उत्तराखंड और हिमाचल में प्रचलित है. जबकि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में भी पैराग्लाइडिंग नहीं होती है. इसलिए इंदौर से इसकी पहल की जा रही है.
31 जनवरी से 1 फरवरी तक टेंडम फेस्टिवल
उन्होंने बताया उज्जैन में स्काईडाइविंग और पैरा जपिंग जैसे आयोजन हो रहे हैं. हालांकि कई सैलानी और इस खेल में शामिल होने वाले पैराग्लाइडर लगातार एमपी में इसके आयोजन की मांग कर रहे थे. लिहाजा 31 जनवरी और 1 फरवरी को इंदौर के राऊ में स्थानीय हिल पर टेंडम फेस्टिवल का आयोजन होगा. जिसमें क्लब से जुड़े इंस्ट्रक्टर और टूरिज्म बोर्ड की टीम लोगों को पैराग्लाइडिंग की सुविधा उपलब्ध कराएगी.
पैराग्लाइडिंग का फेयर और इतनी ऊंचाई पर होगी उड़ान
इसके लिए एक निर्धारत शुल्क भी रखा गया है. 2999 से लेकर 3999 के बीच रहेगा. जिसे पे करके आप हवा में उड़ सकते हैं. 12 से 15 मिनट तक पैराग्लाइडिंग 500 से 700 फीट ऊंचाई तक संपन्न जाएगी. साथ ही उन्होंने बताया कि यह एक टेंडम फेस्टिवल है, जिसका मतलब होता है एक के बाद एक, यानि एक इंस्ट्रक्टर या पायलट पीछे रहेगा. उसके साथ जिसे राइडिंग करना है, वह कर सकता है.
उन्होंने कहा आयोजन में टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष के अलावा अन्य प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे. अब तक मध्य प्रदेश के पैराग्लाइडर को भी पैराग्लाइडिंग के लिए उत्तरी भारत के विभिन्न राज्यों की ओर रुख करना पड़ता है. वहीं मध्य प्रदेश के आसपास भी इस प्रतियोगिता के नहीं होने से पैराग्लाइडिंग जैसी एडवेंचर एक्टिविटी आधारित प्रतियोगिताओं को भी प्राथमिकता नहीं मिल पाती है.


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