पर्यावरण मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुरूप फ्लाई एश का शत-प्रतिशत उपयोग करने में मिली मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी को बड़ी सफलता
भोपाल : मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुरूप उत्सर्जित फ्लाई एश (पावर हाउस से निकलने वाली राख) के 100 प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के सिंगाजी ताप विद्युत गृह खंडवा में विश्व की अग्रणी सीमेंट कंपनी हाइडेलबर्ग के साथ गत दिवस भूमि उपयोग अनुमति अनुबंध (LUPA) हस्ताक्षरित किया। अनुबंध 25 वर्ष की अवधि के लिए भूमि उपयोग अनुमति के लिए किया गया है। अनुबंध के अंतर्गत हाइडेलबर्ग सीमेंट इंडिया लिमिटेड सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना परिसर में एक सीमेंट क्लिंकर ग्राइडिंग यूनिट की स्थापना करेगी। इस यूनिट की लागत 325 करोड़ रूपए है। यह यूनिट सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना से निकलने वाली फ्लाई एश का उपयोग करके सीमेंट बनाने का काम करेगी। इस यूनिट के स्थापित होने पर क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और मध्यप्रदेश के अधोसंरचना क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान होगा।
मध्यप्रदेश पावर जनेरटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह, डायरेक्टरद्वय सुबोध निगम व मिलिन्द भान्दक्कर, मुख्य अभियंता संचारण-संधारण:उत्पादन अभिषेक जैन के मागदर्शन में यह अनुबंध सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना के मुख्य अभियंता जेसी जुनवाल की उपस्थिति में हस्ताक्षरित हुआ। अनुबंध पर पावर जनरेटिंग कंपनी की ओर से अतिरिक्त मुख्य अभियंता एमके कोरी और हीडलबर्ग सीमेंट इंडिया लिमिटेड की ओर से सुमित बिसारिया ने हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर मध्य्रपदेश पावर जनेरटिंग कंपनी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता एससी गुप्ता अनुराग जडिया, विशाल कुमार दहाटे, यूएस तमोली, मोहित शर्मा एवं हाइडेलबर्ग सीमेंट इंडिया लिमिटेड के सुनील कुमार, बलबीर सिंह रावत व पंकज उपरेती उपस्थित रहे।


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