जिला अस्पताल मे डाक्टर की लापरवाही से प्रसूता की मौत पर हुआ हंगामा, प्रभारी मंत्री ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात, दिया जांच का आश्वासन
जिला अस्पताल मे डाक्टर की लापरवाही से प्रसूता की मौत पर हुआ हंगामा, प्रभारी मंत्री ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात, दिया जांच का आश्वासन
बैतूल l बैतूल के जिला अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही से हुई आदिवासी महिला की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है । घटना के विरोध में आदिवासी संगठनों के कार्यकर्ता चार घण्टे तक सड़क पर धरना देकर बैठे रहे और मृतिका का शव भी पोस्टमार्टम के बाद मरचुरी में रखा रहा लेकिन जिले में भगवान बिरसा मुंडा जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने चार घण्टे बाद पहुंचे ।
इस दौरान मृतिका का शव पोस्टमार्टम के बाद मरचुरी में रखा रहा और उसके परिजन 7 दिन की बच्ची को गोद मे लिए अधिकारियों और नेताओं के पहुंचने का इंतजार करते रहे । बहरहाल मौके पर पहुंचे मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने पीड़ित परिवार की बात सुनी और मामले में एक उच्च स्तरीय जांच दल गठित करने का आश्वासन दिया । डॉक्टर वंदना धाकड़ द्वारा मृतिका के परिजनों से जिस कोरे कागज पर अंगूठा लगवाया गया उसे जांच से अलग रखने के निर्देश दिए गए हैं । मंत्री को आदिवासियों ने डॉक्टर धाकड़ दम्पति द्वारा अवैध वसूली करने और डराने धमकाने की शिकायत भी की जिसे लेकर मंत्री ने तत्काल एक्शन लेने का आश्वासन भी दिया है । हर बार की तरह डॉक्टर धाकड़ दम्पति जांच प्रभावित ना कर सकें इसके लिए उ है जांच पूरी होने तक ड्यूटी से निलंबित करने की मांग भी उठी है जिसे लेकर मंत्री ने अधिकारियों को ज़रूरी निर्देश दिए हैं और निष्पक्ष जांच करवाने का आदेश दिया है । मंत्री के आश्वासन के बाद आदिवासी संगठनों ने आंदोलन स्थगित किया है और मृतिका का शव अंतिम संस्कार के लिए उसके गाँव भिजवाया गया है । मृतिका के परिवार को आर्थिक सहायता का भी आश्वासन दिया गया है । इस बीच आदिवासी संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि मामले में जल्दी कोई कार्यवाही नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा ।


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