रंग लाए जिला प्रशासन के प्रयास, 6 साल बाद मिला माता-पिता से 13 साल का बालक, 50 हजार रु क़े बदले खेत मालिक ने बनाया बालक को बंधक
रंग लाए जिला प्रशासन के प्रयास, 6 साल बाद मिला माता-पिता से 13 साल का बालक
बेटे को गले लगाते ही छलक पड़े मां के आंसू,सहयोग के लिए माना सभी का आभार
बैतूल. जिले के शाहपुर तहसील के ग्राम डूडर निवासी सरिता उइके के घर आखिरकार खुशियां लौट ही आईं, जब उनका बेटा गोविंद उइके, जो वर्ष 2019 में उनके साथ हरदा जिले मे काम पर गया था, लेकिन वहाँ उसे बंधक बना कर रखा गया था, जो अब सुरक्षित रूप से अपने घर लौट आया है, बालक को पहले हरदा फिर छिंदवाड़ा से श्रम विभाग, पुलिस प्रशासन, बाल कल्याण समिति (CWC) तथा जनसाहस संस्था की संयुक्त पहल से वापस लाकर परिवार से मिलवाया गया। इस पूरी प्रक्रिया में जनसाहस संस्था की प्रतिनिधि पल्लवी टाकरकर द्वारा लगातार समन्वय और प्रयास किया गया, जिसके परिणामस्वरूप बच्चा सकुशल अपने परिवार तक पहुंच सका। इस संबंध में जनसाहस संस्था द्वारा बताया गया कि वर्ष 2019 में यह बालक अपने माता-पिता के साथ हरदा गया था जहां पर इसके माता-पिता मजदूरी का कार्य करते थे,माता-पिता द्वारा खेत मालिक से 50 हजार की राशि ली गई थी, जब माता-पिता द्वारा वह राशि नहीं चुकाई गई तो खेत मालिक ने उनके बालक को बंधक बना लिया, बच्चे को बंधक बनाने वाली बात जैसे ही जनशहर संस्था को पता चली उन्होंने माता-पिता की सहमति से जिला प्रशासन और हरदा पुलिस प्रशासन के सहयोग से खेत मालिक पर दबाव बनाया और जैसे तैसे बच्चों को छुड़ाया,इस मामले में खेत मालिक पर हरदा थाने में प्राथमिक की भी दर्ज की गई है, लेकिन यहां पर एक और पेंच उलझ गया जिसमें बच्चों के जैविक माता-पिता होने के कोई ठोस प्रमाण या दस्तावेज नहीं थे इसके बाद इस बालक को छिंदवाड़ा भेज दिया गया, करीब 15 दिनों की मशक्कत के बाद जैसे तैसे बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाया गया और फिर जन्म प्रमाण पत्र दिखाकर बालक को छिंदवाड़ा से बैतूल लाकर माता-पिता के सुपुर्द किया गया, आज गुरुवार को माता-पिता बच्चे का पुनर्वास प्रमाण पत्र जल्द बनवाने हेतु जिला श्रम अधिकारी के पास पहुंचे थे, जिस पर उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रमाण पत्र उन्हें हरदा से जारी करवाने का पूरा प्रयास किया जाएगा बेटे को देख मां सरिता उइके की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने प्रशासन, श्रम विभाग, CWC छिंदवाड़ा, और जनसाहस संस्था सहित सभी मीडिया प्रतिनिधियों का आभार जताया जिन्होंने इस संवेदनशील मामले में सक्रिय भूमिका निभाई, जान साहस संस्था लगातार ऐसे मामलों में बचाव, पुनर्वास और जरूरतमंदो को न्याय दिलाने की दिशा में कार्य कर रही है।


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