*राष्ट्र को परम वैभव पर अधिष्ठित करने हमे सुनिश्चित करनी होगी अपनी भूमिका: आशुतोष चौहान*

*चिल्कापुर में उत्साहपूर्वक निकला संघ का पथ संचलन*

भैंसदेही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण होने पर पूरे देश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है जो कि साल भर चलने वाले हैं। इसी कड़ी में शताब्दी वर्ष के प्रथम कार्यक्रम अंतर्गत पथ संचलन का आयोजन भैंसदेही खंड के चिल्कापुर मंडल में आयोजित किया गया है। स्वयंसेवकों द्वारा उत्साहपूर्वक अनुशासन के साथ पथ संचलन निकाला गया। मुख्य अतिथि रमेश लिखितकर, मुख्य वक्ता आशुतोष चौहान, सह जिला संघ चालक खेमराज डढोरे, खंड संघ चालक ताप्ती प्रसाद चंदेल, जिला कार्यवाह ज्ञानदेव अहाके, जिला ग्राम विकास संयोजक मनीष बारस्कर मौजूद रहे। चिल्कापुर मंडल प्रभारी मनीष नावंगे ने बताया कि चिल्कापुर के ग्रामीणों एवं युवाओं, मातृशक्तियों का बहुत ही सराहनीय योगदान रहा।  सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय द्वारा आकर्षक झांकियां भी प्रत्येक चौक पर मौजूद रही। इस दौरान ग्रामीणों ने ग्राम की सडक़ों पर रांगोली उकेरकर सुंदर ढंग से सजाया था और जहां-जहां से आरएसएस का पथ संचलन निकल रहा था, ग्रामीण पुष्प वर्षा कर रहे थे। पूरे गांव में रंगोलियों और तोरणद्वारों से स्वयंसेवकों का स्वागत किया गया। देशभक्ति गीतों की धुन पर आगे बढ़ते स्वयंसेवक एकता, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम का जीवंत प्रतीक दिखाई दे रहे थे। संघ के इतिहास की जानकारी देते हुए कार्यक्रम  के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग समरसता संयोजक आशुतोष सिंह चौहान ने संघ की 100 वर्ष की तपस्या और डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवनवृत्त का प्रेरक उल्लेख किया.उन्होंने कहा कि यह शताब्दी यात्रा छह सरसंघचालकों की साधना का फल है.हेडगेवार की नींव, गुरुजी का विस्तार,देवरस की सेवा, रज्जू भैया का विदेश विस्तार,सुदर्शन जी का स्वदेशी आग्रह और भागवत जी का समरसता संदेश इसकी धुरी हैं। उन्होंने इस यात्रा को संगठन शक्ति, आत्मगौरव और समरसता का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि भारत माता परम वैभव पर अधिष्ठित हो इसलिए सभी हिंदुओं को राष्ट्र के लिए अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी होगी। मंच पर जिला सह संघचालक खेमराज डढोरे, नगर संघचालक ताप्तीप्रसाद चंदेल एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता द्वारा रमेश लिखितकर द्वारा की गई। कार्यक्रम का समापन सरस्वती शिशु मंदिर प्रांगण में किया गया। खंड कार्यवाह सुखदेव गलफट ने बताया कि संघ शताब्दी के उपलक्ष्य में जगह-जगह पथ संचलन निकाला जा रहा है जो कि सतत अभी चलता रहेगा।