बैतूल मे तबियत खराब होने पर एक बच्ची को जाँच क़े लिए हामिदिया अस्पताल किया रेफर, मिडिया कर्मियों क़े सवालों से बचते नजर आए सीएमएचओ
तबियत खराब होने पर एक और बच्ची को जाँच क़े लिए हामिदिया अस्पताल किया रेफर, मिडिया कर्मियों क़े सवालों से बचते नजर आए सीएमएचओ
बैतूल - कफ सीरप मामले में मीडिया से बचते दिखे सीएमएचओ डॉ मनोज हुरमाडे,कल रात तक बैतूल में चार मामले संज्ञान में आ चुके जिनमे से दो बच्चो की मौत एक गम्भीर और एक संदिग्ध मामला है इन्ही सारी बातों पर सीएमएचओ बोलने से बच रहे थे l
जब मिडियाकर्मियों यह जानकारी लगी की एक और बच्ची को हमीडिया अस्पताल भोपाल रेफर किया है सामान्य जाँच क़े लिए तो मीडिया कर्मि अस्पताल पंहुचे थे और सीएमएचो डॉक्टर मनोज हुरमाड़े से बात करनी चाही तो सीएमएचओ बिना जवाब दिए मिडिया कर्मियों के सामने से निकलने का प्रयास कर रहे थे l इसी दौरान कहासुनी हुई तो फिर सीएमएचओ बात करने क़े लिए राजी हुए और उन्होंने बताया कि भोपाल में बैतूल के जिन दो बच्चों की मौत हुई उनकी केस हिस्ट्री जिला प्रशासन को सौंप दी गई है पीड़ित परिवारों को सहायता राशि के लिए सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी l
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ जगदीश घोरे ने बताया की डेढ़ साल की किंजल आमला ब्लॉक के जमदेहिकला गाँव की है जिसे
सामान्य जांच के लिए भोपाल भेजा गया है बच्ची क़े पिता ने डॉक्टर को बताया था की 26 सितंबर को परा सिया मे डॉक्टर प्रवीण सोनी से इलाज कराया था जहां बच्ची ठीक थी बाद मे बैतूल जिले मे भी उन्होंने बच्ची को दिखाया था जिसके बाद स्वास्थ्य जाँच टीम ने बच्ची को सर्दी खांसी क़े चलते जिला अस्पताल भेजा था किसी प्रकार का कोई इलाज का पर्चा भी नहीं था बच्ची को सामान्य जाँच क़े लिए हामिदिया अस्पताल भोपाल भेजा गया है l
जिले मे दो बच्चोँ की मौत हो चुकी है और दो बच्चोँ क़े बीमार होने की हिस्ट्री सामने आई जिसके बाद भी सीएमएचओ का इस तरह का अड़ियल रवैया सामने आया है मिडिया कर्मियों क़े सवालों का जवाब देने से बचते दिखे l



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