तीज पर्व पर नदी में गिरे दो मासूम, मां ने दिखाई बहादुरी, दोनों की सकुशल बचाई जान
तीज पर्व पर नदी में गिरे दो मासूम, मां ने दिखाई बहादुरी, दोनों की सकुशल बचाई जान
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बैतूल। तीज पर्व के अवसर पर खेड़ली बाजार की बेल नदी घाट पर बुधवार 27 अगस्त को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नदी के घाट पर खेल रहे दो मासूम बच्चे अचानक पैर फिसलने से नदी में जा गिरे और तेज बहाव में बहने लगे। घटना दोपहर करीब 1 से 1:30 बजे के बीच की है। नदी किनारे पूजा कर रही महिलाओं में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान एक बच्चे की मां किरण ब्राम्हणे ने साहस दिखाते हुए तुरंत नदी में छलांग लगा दी और बहादुरी के साथ दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मां की इस हिम्मत से दो मासूमों की जिंदगी बच सकी।
नदी में गिरे बच्चों की पहचान यश पिता हरिचंद ब्राम्हणे और दिव्यांश पिता सुरेश ब्राम्हणे के रूप में हुई है। दोनों की उम्र लगभग 5 से 6 वर्ष बताई गई है। हादसा इतना अचानक हुआ कि घाट पर मौजूद सभी महिलाएं घबराकर चीख-पुकार करने लगीं, लेकिन किरण ब्राम्हणे ने बिना किसी डर के तुरंत कदम उठाया और दोनों मासूमों को डूबने से बचा लिया।
ग्रामीणों ने बताया कि तीज पर्व पर बेल नदी घाट पर हर साल बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे एकत्रित होते हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर कोई इंतजाम नहीं रहता। गांव में दो कोटवार पदस्थ होने के बावजूद घटना के समय घाट पर एक भी कोटवार मौजूद नहीं था। ग्रामीणों ने प्रशासन से सवाल किया कि यदि किरण ब्राम्हणे ने बहादुरी नहीं दिखाई होती तो आज बड़ा हादसा हो सकता था।
ग्रामीणों ने मांग की है कि तीज सहित अन्य पर्वों और अवसरों पर बेल नदी घाट पर सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए और कोटवारों की ड्यूटी लगाई जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।


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