बैतूल में बारिश की बेरुखी ने किसानों की कमर तोड़ी,सूख गई फसलें, किसान रोटावेटर चलाकर कर रहे नष्ट


बैतूल मप्र l   बैतूल जिले में एक बार फिर आसमान की बेरुखी ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। लगातार बारिश नहीं होने से खेतों में बोई गई धान की फसलें सूख गई हैं। मजबूरन अब किसान इन सूखी फसलों पर रोटावेटर चला रहे हैं ताकि दूसरी फसल की बुवाई की जा सके।

 

 बैतूल बाजार क्षेत्र में कई किसानो ने खेतों में धान की फसल लगाई थी लेकिन कम बारिश होने से धान की फसल सुख गई है तो कुछ जगह फसल में बुधवार नहीं हुई है डेढ़ महीने की फसल हो चुकी लेकिन अब इस फसल में रंगत ही नहीं है इसलिए किसान अब मजबूर होकर फसल में ट्रेक्टर  चला रहे है l बैतूल बाजार के किसान  नयन वर्मा ने अपनी 8 एकड़ जमीन में करीब 45 दिन पहले धान की फसल बोई थी। खाद और दवाइयां डालने के बावजूद बारिश नहीं होने से फसल पूरी तरह सूख गई। अब इस बर्बाद फसल पर  रोटावेटर चलाकर उसे मिट्टी में मिला दिया। उन्हें  करीब ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। नयन वर्मा का कहना है कि ये फसल तो खराब हो गई है इसे हटा कर दूसरी फसल बोनी की तैयारी कर रहे है ताकि उन्हें हुए नुकसान की भरपाई हो जाए के


और ये कहानी सिर्फ एक किसान की नहीं है, जिले भर में सैकड़ों किसानों की फसलें इस तरह खराब हो चुकी हैं। जिले में बीते 10 दिनों से बारिश नहीं हुई है। यह खरीफ सीजन में दूसरी बार है जब लंबे वक्त तक बारिश नहीं होने से फसलें बर्बाद हो रही हैं। किसान अब सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। बैतूल के किसानों के लिए ये समय बेहद मुश्किल भरा है। एक ओर सूखा, दूसरी ओर फसलें बर्बाद और कर्ज का बोझ। अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार इस संकट की घड़ी में किसानों के साथ कितनी तेजी से खड़ी होती है।