*लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन यंत्री ने ताप्ती मंदिर पहुंचकर मंदिर के मौजूदा निर्माण स्थिति का लिया जायजा*

*मुलताई*✍️ विजय खन्ना 
पुण्यसलिला सूर्यपुत्री ताप्ती के उद्गम स्थल पर सरोवर के किनारे कई वर्षों पूर्व बने ताप्ती मंदिर की  मौजूदा निर्माण स्थिति  कमजोर भवन की श्रेणी में शामिल हो गई है।मंदिर के पिलर सरोवर के पानी में स्थित होने के कारण निर्माण के बाद से ही पानी में डूबे रहते हैं। वही वर्षाकाल में मंदिर के अंदर भी पानी भर जाता है ।कई बार तो 15 से 20 दिन तक मंदिर में पानी भरा रहता है।इस स्थिति में मंदिर के भूतल की छत भी कमजोर हो गई है।इन परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए बीते एक साल से अधिक समय से मंदिर में परिक्रमा पर पाबंदी लगा दी गई है। वही बीते दो वर्षों से ताप्ती जन्मोत्सव के दौरान दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी मंदिर के अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
 मंदिर के नव निर्माण की मांग लगातार बनी हुई है। ट्रस्ट की बैठक में मंदिर के नवनिर्माण को लेकर कई बार चर्चा हो चुकी है ।लेकिन अभी तक नव निर्माण का श्रीगणेश नहीं हो सका है।
शुक्रवार को शाम में कलेक्टर के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन यंत्री प्रीति पटेल मंदिर की मौजूदा स्थिति का निरीक्षण करने  पहुंची।इस दौरान नपा अध्यक्ष वर्षा गढ़ेकर, पार्षद महेंद्र जैन, अजय यादव,मंदिर ट्रस्ट के चिंटू खन्ना,किशोर परिहार,लोकनिर्माण विभाग के डी आर कर्मकार,नपा के लिपिक जी आर देशमुख भी उपस्थित थे।नपा अध्यक्ष सहित मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों ने बताया मंदिर का निर्माण 1993 में हुआ था।वही गर्भ गृह अलग से बना हुआ हैं।, गर्भगृह के भूतल की छत अलग अलग बनी है।वर्तमान में बारिश के चलते सरोवर में पानी का संग्रहण बढ़ जाने से मंदिर के पिलर पानी में डूबे होने के कारण कार्यपालन यंत्री ने केवल मंदिर के अंदर से ही निर्माण स्थिति का जायजा लिया।कार्यपालन यंत्री ने बताया निरीक्षण रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएंगी।