कैंसर वैक्सीन का चूहों पर परीक्षण रहा सफल, अब इंसानों पर जल्द होगा ट्रायल
वॉशिंगटन,। कैंसर जैसी घातक बीमारी के सफल इलाज की दिशा में वैज्ञानिकों को एक बड़ी सफलता हासिल हो गई है। दरअसल अमेरिका के फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एमआरएनए तकनीक पर आधारित एक नई कैंसर वैक्सीन विकसित की है, जिसने चूहों पर किए गए परीक्षण में अत्यंत प्रभावी परिणाम दिए हैं। अब इस वैक्सीन को इंसानों पर आजमाने की तैयारी की जा रही है।
इस संबंध में किए गए शोध की रिपोर्ट एक जर्नल में प्रकाशित की गई, जिसके अध्ययन के अनुसार, इस एमआरएनए वैक्सीन को इम्यूनोथेरेपी की दवाओं के साथ मिलाकर उपयोग किया गया, जिससे चूहों के शरीर में ट्यूमर के खिलाफ मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया विकसित हुई। खास बात यह रही कि यह वैक्सीन किसी एक खास ट्यूमर प्रोटीन को निशाना नहीं बनाती, बल्कि विस्तृत इम्यून रेस्पॉन्स उत्पन्न करती है। यूएफ हेल्थ के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एलियास सायूर के हवाले से बताया गया है, कि यह वैक्सीन सभी प्रकार के कैंसर के खिलाफ एक जैसी इम्यून प्रतिक्रिया उत्पन्न करती है। अगर इंसानों में भी यही प्रभाव दिखाई देता है, तो इससे कैंसर का इलाज बिना सर्जरी, कीमोथेरेपी या रेडिएशन के भी संभव हो सकता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वैक्सीन भविष्य में ‘यूनिवर्सल कैंसर वैक्सीन’ बन सकती है। यह मौजूदा तरीकों से अलग है, जिसमें या तो आम ट्यूमर लक्ष्यों पर फोकस किया जाता है या मरीज-विशिष्ट टीका तैयार किया जाता है। यह वैक्सीन व्यापक और स्थायी समाधान का मार्ग खोलती है।
इससे पहले इसी टीम ने ग्लियोब्लास्टोमा नामक मस्तिष्क ट्यूमर पर इस तकनीक से उत्साहजनक परिणाम प्राप्त किए थे। अब वैज्ञानिकों की योजना इस वैक्सीन का मानव परीक्षण जल्द शुरू करने की है। अगर प्रयास सफल रहा, तो आने वाले वर्षों में यह वैक्सीन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लाखों लोगों को राहत प्रदान करने में क्रांतिकारी भूमिका निभा सकती है।


इंदौर में छापेमारी का बड़ा अभियान, होटल-हॉस्टल संचालकों में हड़कंप
लिव-इन रिलेशनशिप केस में Supreme Court of India की सख्त टिप्पणी, कहा- हालात समझना जरूरी
कहीं राहत तो कहीं आफत: MP में बदलते मौसम ने बढ़ाई चिंता
“सांसद न होते तो पहचान नहीं” – Raghav Chadha पर तीखा हमला
राकेश सिंह पर गंभीर आरोप, IAS एसोसिएशन तक पहुंची शिकायत
वैश्विक तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का किर्गिस्तान दौरा