निजी अस्पताल में आदिवासी छात्र की संदिग्ध मौत से बवाल, गेट पर चक्काजाम,7 दिन में जांच नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
निजी अस्पताल में आदिवासी छात्र की संदिग्ध मौत से बवाल,गेट पर चक्काजाम,7 दिन में जांच नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
बैतूल । आदिवासी छात्र की एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान संदिग्ध मौत हो गई जिसके बाद परिजनों और आदिवासी संगठनों ने जिला अस्पताल गेट के सामने चक्काजाम कर दिया l
घटना झल्लार थाना क्षेत्र के गवाड़ी गांव निवासी एक आदिवासी छात्र की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान संदिग्ध मौत हो गई थी मृतक छात्र की पहचान पीयूष धुर्वे के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि छात्र की उंगली कटी थी जिसका इलाज करवाने खुद चलकर निजी अस्पताल पहुंचा था, लेकिन ढाई घंटे बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसे ऑक्सीजन लगाकर बाहर लाया गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई पुलिस ने मृतक छात्र के शव का पोस्टमार्टम जिला अस्पताल में कराया l
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और संदिग्ध गतिविधियों के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने इलाज में घोर लापरवाही की, जिससे छात्र की जान गई। आदिवासी संगठन कि मांग है कि डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई हो। अगर 7 दिनों में निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आदिवासी समाज उग्र आंदोलन करेगा।
हंगामे के चलते मौके पर एसडीओपी समेत पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची। परिजनों की मांग पर छात्र की शॉर्ट पीएम रिपोर्ट सौंपी गई, जिसके बाद चक्काजाम को समाप्त किया गया। एसडीओपी सुनील लाटा ने बताया कि परिजनों और आदिवासी संगठनों को आश्वस्त किया गया है कि एफएसएल टीम से पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिजन प्रशासन के जवाब का इंतजार कर रहे हैं और मामला अब तूल पकड़ चुका है। देखना होगा कि प्रशासन सात दिन के भीतर निष्पक्ष जांच कर आरोपियों पर कार्रवाई कर पाता है या नहीं।


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