*अलसुबह मां ताप्ती मंदिर में हुआ अभिषेक ,दोपहर 12 बजे जन्मोत्सव अनुष्ठान उपरांत लगाया 56 भोग*

*मुलताई।*✍️ विजय खन्ना 

पुण्य सलिला सूर्यपुत्री मां ताप्ती की उद्गम स्थली पवित्र नगरी में मां ताप्ती का जन्मोत्सव के अवसर पर बुधवार सुबह ताप्ती मंदिर में माता रानी के अभिषेक के साथ जन्मोत्सव अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ उसके बाद पूरे दिन पूजन अनुष्ठान जारी रहे। बुधवार को प्रातः कालीन बेला में सुबह 5 बजे माता रानी की प्रतिमा के अभिषेक अनुष्ठान के साथ हुआ। मंत्रों के उच्चारण के साथ मां ताप्ती का अभिषेक किया गया। उसके उपरांत सुबह 6 बजे मां ताप्ती की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार कर आरती संपन्न हुई। सुबह 8.30 बजे मां ताप्ती जन्मोत्सव समिति द्वारा दोनों ताप्ती मंदिरों में पूजन कर सरोवर के मध्य ध्वजारोहण किया। उसके उपरांत सुबह 11 बजे से ताप्ती मंदिर में विशेष पूजन के साथ जन्मोत्सव की कथा सुनाई गई। उसके बाद मंदिर के सामने परिक्रमा मार्ग पर  बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ मां ताप्ती को जन्म की बधाई देते हुए मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही मां ताप्ती को 56 भोग अर्पित कर महाआरती संपन्न हुई। जन्मोत्सव पर प्रतिमाह सप्तमी तिथि पर सरोवर की परिक्रमा और पूजन करने वाली समिति ने रविवार सुबह भजन गाते हुए सरोवर की परिक्रमा मंदिरों में पूजन किया। सूर्यपुत्री मां ताप्ती तीर्थ न्यास के कार्यकर्ताओं ने सुबह बाजे गाजे के साथ जयकारे लगाते हुए पावन सरोवर की दंडवत परिक्रमा की। 

*अलसुबह से मंदिर में लग गई थी श्रद्धालुओ की भीड़*

जन्मोत्सव के चलते मां ताप्ती सरोवर के तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगने लगी थी। अलसुबह से ही श्रद्धालुओं ने पावन ताप्ती सरोवर में स्नान कर मंदिरों में पूजा अर्चना की। जन्मोत्सव पर मां ताप्ती के दोनों मंदिर को फूलों से सुसज्जित किया गया। जिसके चलते मंदिर की आकर्षक छटा दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रही है। जन्मोत्सव पर नगर में जगह जगह भंडारे लगे हुए थे। जहां श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया। जन्मोत्सव पर संत अशोकानंद महाराज ने ताप्ती सरोवर में दुग्ध अभिषेक किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। वही ताप्ती भक्तों ने चुनरी यात्रा निकालकर मां ताप्ती के जयकारे लगाते हुए पवित्र सरोवर में चुनरी अर्पित की।दोपहर में मां ताप्ती के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। समाचार लिखे जाने तक
 ग्रामीण अंचल से पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ परिक्रमा मार्ग पर बनी हुई थी।