जेल में विचाराधीन बंदी की हुई मौत पर परिजनों ने जेल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप

 

 बैतूल मप्र l जिला जेल में विचाराधीन बंदी की अचानक हुई मौत के मामले में आज बंदी के परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए है। परिजनों के अनुसार जेल प्रशासन ने बंदी की तबीयत खराब होने के बावजूद उसका इलाज नहीं करवाया और उसे जेल में प्रताड़ित किया जा रहा था।

 

दरअसल खेड़ी सांवली गढ़ का रहने वाला अशोक खाड़े को कुटुंब न्यायालय ने 9 मार्च को जेल भेजा था 12 मार्च को अशोक खाड़े अपने बंदी साथियों के साथ बातचीत कर रहा था इसी दौरान उसकी तबियत बिगड़ी और वह गिर गया जेल प्रशासन की मेडिकल टीम ने तुरंत उसे जिला अस्पताल भेज दिया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था l

 

गुरुवार को जिला अस्पताल में मृतक अशोक खाड़े का पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया l  इस मामले में मृतक बंदी की पत्नी रेणुका खाड़े ने जेल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा है की जेल प्रशासन ने बंदी की तबीयत खराब होने के बावजूद उसका इलाज नहीं करवाया,साथ ही जेल प्रशासन पर प्रताड़ित करने का भी आरोप परिजन लगा रहे हैं।

 

वहीं बैतूल एस डीएम राजीव कहार ने बताया कि जेल में बंद बंदी की हुई मौत पर उसके परिजनों का आरोप है कि बंदी की मौत सामान्य नहीं है कोई और कारण से हुई है और दोषियों पर कार्यवाही मांग की गई थी जिसके बाद प्रशासन ने न्यायिक जांच के निर्देश दिए गए है जांच में जोभी तथ्य सामने आएंगे और जोभी दोषी होंगे उन पर कार्यवाही की जाएगी l

 

इधर इस मामले में जेल प्रबंधन योगेन्द्र तिवारी  का कहना है की बंदी जब जेल में लाया गया था तब पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट में बंदी शराब पीने का आदि बताया गया था बंदी को पिछले दो दिनों कुछ समस्याएं हुई थी उसे उल्टियां हुई थी जिसके बाद मेडिकल टीम ने उसका इलाज किया था और 12 मार्च को बैरक क्रमांक एक में करीब तीन बजे

 

 अचानक तबियत बिगड़ी थी जिसे तुरंत ही जिला अस्पताल ले जाया गया था। जहां उसकी मौत हो गई है। इस मामले में न्यायिक जांच की जा रही है। जांच के बाद साफ हो पाएगा कि आखिरकार विचाराधीन बंदी की मौत की क्या वजह थी।