संजय निरुपम ने एसआरए घोटाले पर उठाए सवाल, मुस्लिम बिल्डरों की भूमिका की जांच की मांग
संजय निरुपम: शिवसेना नेता और पूर्व सांसद संजय निरुपम ने शुक्रवार को महाराष्ट्र में हाउसिंग जिहाद का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि चालाक बिल्डर मुंबई की डेमोग्राफी बदल रहे हैं. मुस्लिम बिल्डर स्लम पुनर्वास प्राधिकरण SRA में बड़ा घोटाला कर रहे हैं. सरकारी योजनाओं में बांग्लादेशियों के नाम शामिल किए जा रहे हैं. संजय निरुपम ने हाउसिंग मंत्री एकनाथ शिंदे से इस मामले की एसआईटी जांच की मांग की है.
शिवसेना नेता ने मुस्लिम बिल्डरों पर मुंबई की डेमोग्राफी बदलने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि एसआरए में रजिस्टर्ड 60 बिल्डर जो मुस्लिम समुदाय से आते हैं, वे सिर्फ मुस्लिम बहुल इलाकों में काम कर रहे हैं. मुंबई के मुस्लिम विधायक भी इन बिल्डरों की मदद कर रहे हैं. उन्होंने इन बिल्डरों के सभी दस्तावेजों की जांच की मांग की है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि मुस्लिम बिल्डरों द्वारा संचालित सोसायटियों में हिंदुओं को फ्लैट नहीं मिलते.
हिंदू वहां फ्लैट नहीं खरीद सकते- संजय निरुपम
संजय निरुपम ने कहा कि मुंबई के कुर्ला, गोवंडी, मानखुर्द, जोगेश्वरी, बांद्रा, अंधेरी में यह हाउसिंग जिहाद हो रहा है. मुस्लिम बिल्डर जानबूझकर अपनी सोसायटी में मुसलमानों की आबादी बढ़ा रहे हैं. हिंदू वहां फ्लैट नहीं खरीद सकते. अगर किसी हिंदू बिल्डर की सोसायटी में किसी मुस्लिम को घर नहीं मिलता है तो पूरे देश में हंगामा मच जाता है. उन्होंने कहा कि वह इस मामले को सबके सामने ला रहे हैं. इस मुद्दे का बीएमसी चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है.
मुंबई को मुस्लिम केंद्रित बनाना चाहते हैं?
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या ये लोग पूरी मुंबई को मुस्लिम केंद्रित बनाना चाहते हैं? उन्होंने यह गंभीर आरोप लगाते हुए स्लम पुनर्वास प्राधिकरण SRA के प्रमुख को भी पत्र लिखा है. वहीं, इस दौरान संजय निरुपम ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, उद्धव ठाकरे कह रहे हैं कि मुझे जापान की तरह धक्का लग रहा है. उद्धव जी मक्का पुरुष बन गए हैं, पुश पुरुष नहीं.


तीस्ता मुद्दे पर चीन की सक्रियता, क्षेत्रीय राजनीति में बदलाव के संकेत
चुनावी हार के बावजूद इस्तीफा नहीं, ममता बनर्जी के फैसले पर सियासी बहस तेज
कमजोर आंखों के लिए रामबाण उपाय, ये चूर्ण करेगा कमाल
ईरान वार्ता के बीच अमेरिका का बड़ा कदम, ‘Project Freedom’ ऑपरेशन पर लगाई रोक
“ब्लास्ट तो होते रहते हैं” — फारूक अब्दुल्ला के बयान से मचा बवाल
भारत ने चीन का प्रस्ताव किया खारिज, बातचीत में जमकर हुई तल्खी
न्यूनतम सैलरी ₹65,000 की मांग से 8वें वेतन आयोग पर चर्चा तेज