इंदौर के भाजपा नगर अध्यक्ष बने सुमित मिश्रा, ग्रामीण की जिम्मेदारी श्रवण चावड़ा पर
इंदौर: लंबे इंतजार के बाद आखिरकार इंदौर शहर में नगर और जिला अध्यक्षों की घोषणा हो गई है। सुमित मिश्रा को नगर अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि जिले की जिम्मेदारी श्रवण चावड़ा को दी गई है। दोनों ही युवा हैं। श्रवण जिले के भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं। सुमित के अलावा दीपक जैन टीनू भी नगर अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे थे। सुमित और टीनू दोनों ही कैलाश विजयवर्गीय खेमे से जुड़े हैं। ग्रामीण में विजयवर्गीय अपने कट्टर समर्थक चिंटू वर्मा को दोबारा जिला अध्यक्ष नहीं बना पाए। उन्हें दो साल पहले ही जिम्मेदारी मिली थी। माना जा रहा था कि वर्मा को फिर से रिपीट किया जा सकता है। श्रवण चावड़ा को जिम्मेदारी दिलाने में वीडी शर्मा की खास भूमिका रही।
कुशल वक्ता हैं सुमित
सुमित मिश्रा कुशल वक्ता हैं और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। वे भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री भी रह चुके हैं। इंदौर जिले के शहर में ग्रामीण के अध्यक्ष युवा हैं। दोनों की उम्र 45 साल से कम है। सुमित मिश्रा पिछली बार भी नगर अध्यक्ष पद के दावेदार थे और रायशुमारी में उनका नाम भी शामिल था। तब संगठन ने गौरव रणदिवे को भाजपा का नगर अध्यक्ष बनाया था। उनके कार्यकाल में इंदौर जिले की सभी नौ विधानसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी। इसके अलावा विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सबसे बड़ी जीत भी उनके कार्यकाल में ही हुई थी।
मिश्रा बोले, संगठन की उम्मीदों पर खरा उतरूंगा
भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने मीडिया से चर्चा में कहा कि संगठन और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने मुझ पर विश्वास जताया है। उस पर खरा उतरूंगा। इंदौर में भाजपा की जड़ें काफी मजबूत हैं, क्योंकि वरिष्ठ नेताओं ने अपनी मेहनत से इसे सींचा है। अपने कार्यकाल में मैं इंदौर में भाजपा को मजबूत करूंगा और संगठन की नीतियों के अनुसार ही निर्णय लिए जाएंगे।


वायरल वीडियो के बाद धनुष के सियासत में आने की चर्चा, फैंस बोले- अब आपकी बारी
पंकज त्रिपाठी के फैंस को इंतजार, 'ओह माय डॉग' की रिलीज टलने पर निर्देशक का बयान
मूंग खरीदी पर सियासी घमासान तेज, केंद्र के फैसले पर एमपी सरकार ने उठाए सवाल
JDA की कार्रवाई के बीच पहुंचे विधायक, अवैध कब्जे हटाने को लेकर जमकर विवाद
विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर SC की टिप्पणी, ‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन अधिकार है’
चार वरिष्ठ IFS अधिकारियों के रिटायरमेंट से वन विभाग में मचेगी प्रशासनिक हलचल
एंटी पेपर लीक कानून पर बहस के बीच राहुल गांधी का बड़ा दांव, सरकार को घेरने की तैयारी