भौंरा में झोलाछाप डॉक्टरों को 35 हज़ार में मिल रहे डिग्री,डिप्लोमा और रजिस्ट्रेशन,दवा दुकान संचालक दिलवा रहा घंटो में सर्टिफिकेट 

 

 बैतूल l मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ खोले गए मोर्चे के बाद बैतूल जिले में झोलाछाप डॉक्टरों को फर्जी डिप्लोमा,फर्जी सर्टिफिकेट और यहां तक कि रजिस्ट्रेशन तक मुहैय्या करवाए जा रहे हैं। इन सभी सर्टिफिकेट के लिए आपको केवल 35 हज़ार रुपए खर्च करने है और कुछ ही घंटे में आपके पास सर्टिफिकेट आ जाएंगे। 

 

हमारे विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शाहपुर ब्लॉक के भौंरा में स्थित सबसे पुरानी दवा दुकान से यह फर्जी सर्टिफिकेट बनवाए जाने की जानकारी मिल रही हैं। सूत्रों की मानें तो दवा व्यवसाय करने वाले इन महाशय द्वारा क्षेत्र के बंगाली डॉक्टर,झोलाछाप डॉक्टर से 35 हज़ार रुपए लेकर किसी को भी यह सभी फर्जी सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं। यह सर्टिफिकेट भोपाल से बनवाए जाने की जानकारी हमारे सूत्रों द्वारा दी जा रही हैं।

 

 जानकारों की माने तो भोपाल में यही सर्टिफिकेट कोई 5 हजार में बना कर दे रहा है जिसे भौंरा का कोई दवा व्यवसाई 35 हज़ार में लोगों को थामा रहा है। दवा व्यवसाय करने वाले ने मोटी रकम लेकर झोलाछाप डॉक्टर को यह सर्टिफिकेट उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि इस दवा व्यवसाई ने अभी तक लगभग 10 लोगों को यह सर्टिफिकेट दिलवा भी दिए है। 

 

ऑल इंडिया पैरामेडिकल काउंसिल के नाम से जारी हो रहे इस सर्टिफिकेट में इंस्टिट्यूट के नाम पर रामपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस आरएमपी उत्तर प्रदेश लिखा हुआ है। अब सवाल यह उठता है की उत्तर प्रदेश के इंस्टिट्यूट के नाम पर 35 हजार में यह डिप्लोमा भौंरा के उक्त दवा व्यवसाई द्वारा कैसे बना दिया जा रहा है  बिना किसी एडमिशन और पढ़ाई के घंटी में यह सर्टिफिकेट जारी कर दिए जा रहे हैं। इसके पीछे एक बड़ा फर्जीवाडा होने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में जल्द ही और भी तथ्य सामने आने की उम्मीद की जा रही है। वही स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले की बारीकी से जांच करें और पता करें कि इसके पीछे क्या साजिश और फर्जीवाड़ा चल रहा है।