पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी विराट कोहली और BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली के बीच चल रहे कप्तानी विवाद में कूद पड़े हैं। अफरीदी ने कहा है कि दोनों को परेशानी है तो फेस टु फेस बात करें। कोहली को कप्तानी से हटाया जाने के फैसला गलत था। ऐसा नहीं होना चाहिए था।

बोर्ड खिलाड़ी से करें साफ-साफ बात
अफरीदी ने पाकिस्तानी TV चैनल से कहा- इस मामले को और बेहतर तरीके से हैंडल किया जा सकता था। मेरा हमेशा से ये मानना रहा है कि ऐसे मामलों में क्रिकेट बोर्ड का रोल काफी अहम होता है। सिलेक्शन कमेटी को चाहिए कि वो किसी भी चीज के बारे में उस खिलाड़ी को साफ-साफ बताएं, कि ये हमारा प्लान है और ये टीम के लिए बेहतर होगा और आपकी इसको लेकर क्या राय है? अगर आप मीडिया के जरिए ऐसी चीजें पता चलती है तो फिर दिक्कतें होंगी। खिलाड़ियों और बोर्ड के बीच काफी तालमेल होना चाहिए।

गांगुली ने दी थी सफाई
साउथ अफ्रीका रवाना होने से पहले चेतन शर्मा की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने विराट कोहली की जगह रोहित शर्मा को वनडे और टी-20 का नया कप्तान नियुक्त किया था। विराट को कप्तानी से हटाए जाने के बाद टीम इंडिया में मानों भूचाल आ गया था। हिटमैन का कैप्टन बनाने के बाद बोर्ड अध्यक्ष सौरव गांगुली ने सफाई में कहा था कि बोर्ड ने उनसे सितंबर में ही कहा था कि अगर वे टी-20 की कप्तानी छोड़ेंगे तो वनडे में उन्हें कप्तान बनाए रख पाना मुश्किल होगा। इसलिए वे टी-20 में कप्तान बने रहें।

गांगुली के मुताबिक, विराट ने ऐसा करने से मना कर दिया और फिर BCCI के पास विराट से वनडे कप्तानी लेने के अलावा कोई चारा नहीं रह गया था। बकौल गांगुली WHITE BALL क्रिकेट में दो कप्तान नहीं हो सकते हैं।

विराट ने भी रखा था अपना पक्ष
हालांकि विराट ने इस बयान को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि उनसे ऐसा कुछ भी नहीं कहा गया। वहीं, विराट ने ये भी बताया था कि उन्हें कप्तानी से हटाने के बारे में पहले नहीं बताया गया था। कोहली के अनुसार, जब टेस्ट टीम के चयन के लिए मीटिंग हुई तो जाते-जाते उन्हें ये बताया गया कि अब वो वनडे के कप्तान नहीं रहेंगे और पहले उनसे इस बारे में कोई बात नहीं की गई थी।